खैरागढ़. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 22 विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार ने 1 करोड़ 9 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस निर्णय से क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में हर्ष की लहर है और वर्षों पुराने मंदिरों की स्थिति में सुधार होने की राह प्रशस्त हुई है।
ग्रामीण अंचलों के देवस्थलों को मिलेगी नई चमक
स्वीकृत योजना के तहत खैरागढ़ के विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थित शीतला मंदिर, राम मंदिर, महामाया मंदिर और शिव मंदिरों का पुनरुद्धार किया जाएगा। विशेष बात यह है कि अधिकांश कार्यों के लिए 4.98 लाख रुपये की व्यक्तिगत राशि आवंटित की गई है, जिससे मंदिरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण में मदद मिलेगी।
प्रमुख कार्य और आवंटित ग्राम:
सिंगारपुर पंचायत: शीतला मंदिर और राम मंदिर (प्रत्येक के लिए 4.98 लाख)।
बेलगांव: शीतला मंदिर और बुढ़ादेव मंदिर।
उर्तुली पंचायत: शीतला मंदिर, चंपाटोला का शीतला मंदिर, झुमरकोना का गरगरा मंदिर और भेण्डरा का शीतला मंदिर।
अन्य प्रमुख स्थल: कानीमेरा, कुटेलीकला, लँझियाटोला, बघमर्रा, देवपुरागंडई, कोहलाटोला, गढ़बंजा (महामाया मंदिर), खैरानवापारा (लोधोश्वर मंदिर), गातापार (महादेव मंदिर), जीराटोला (चोडराधाम), गोलरडीह (बंजारी मंदिर), कोड़का और मजगाव के मंदिरों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
जन प्रतिनिधियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए क्षेत्र के दिग्गज भाजपा नेताओं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि यह निर्णय न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण पर्यटन और संस्कृति को भी बढ़ावा देगा।
डॉ बिशेषर साहू (जिला भाजपा अध्यक्ष), प्रियंका ताम्रकार (जिला पंचायत अध्यक्ष), घम्मन साहू (प्रदेश कार्यसमिति सदस्य), ललित चोपड़ा व हेमलता मंडावी (जिला पंचायत सदस्य), पुष्पा प्रकाश जंघेल (जनपद अध्यक्ष) एवं राजू जंघेल (उपाध्यक्ष) ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल और सांसद संतोष पांडे का आभार व्यक्त किया है।
सांस्कृतिक संरक्षण की ओर बढ़ते कदम
जानकारों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों का जीर्णोद्धार होने से स्थानीय समुदायों का जुड़ाव बढ़ेगा और विलुप्त हो रही कला-संस्कृति को नया जीवन मिलेगा। सरकार की इस पहल को आगामी समय में धर्मस्व विभाग के एक बड़े मास्टर प्लान के रूप में देखा जा रहा है।



