खैरागढ़. जिले में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत RAMP योजना के अंतर्गत आयोजित एमएसएमई उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) बैच-1 का समापन गुरुवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज खैरागढ़ में किया गया। 23 फरवरी से 12 मार्च तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं, महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूह के सदस्यों और स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक प्रतिभागियों को व्यवसाय स्थापना और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता की अवधारणा, व्यवसाय योजना तैयार करने की प्रक्रिया, स्थानीय संसाधनों के आधार पर व्यावसायिक संभावनाओं की पहचान और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के तरीकों से अवगत कराया गया।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, वनोपज आधारित उद्योग, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, धातु निर्माण तथा सेवा क्षेत्र में एमएसएमई के अवसरों की जानकारी दी। साथ ही व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया को समझाया गया और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक कॉलेज के कुल 35 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा और फीडबैक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। इस दौरान 10 प्रतिभागियों का उद्यम पोर्टल में पंजीयन भी कराया गया, जिससे वे भविष्य में शासकीय योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ ले सकेंगे।
समापन अवसर पर मास्टर ट्रेनर पारुल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक प्रमेश्वर विजयवार और तुषार साहू ने प्रतिभागियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

