नाट्य महोत्सव का भव्य समापन, विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
खैरागढ़. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के संरक्षण में आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का समापन रविवार को सशक्त अभिनय, भावपूर्ण प्रस्तुतियों और गहरी सामाजिक संवेदनाओं के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन मंचित नाटक ‘पेइंग गेस्ट’, ‘बेबी’ और ‘पत्र’ ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और विद्यार्थियों की प्रतिभा को भरपूर सराहना मिली।
महेंद्र आर्य द्वारा लिखित नाटक ‘पेइंग गेस्ट’ का निर्देशन हर्ष अग्रवाल ने किया। यह नाटक मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन, आर्थिक दबावों और रोजमर्रा के संघर्षों को हास्य एवं यथार्थ के संतुलन के साथ प्रस्तुत करता है। घर में एक अजनबी के प्रवेश से उत्पन्न परिस्थितियां पारिवारिक रिश्तों में आने वाले बदलावों को प्रभावशाली ढंग से उजागर करती हैं। नाटक ने यह संदेश दिया कि छोटी घटनाएं भी जीवन की दिशा बदल सकती हैं।
वहीं, विजय तेंदुलकर द्वारा रचित नाटक ‘बेबी’ का निर्देशन डॉ. प्रमोद पांडे (अतिथि व्याख्याता, थियेटर विभाग) ने किया। यह प्रस्तुति मानवीय शोषण, हिंसा और सत्ता के दुरुपयोग की कठोर सच्चाइयों को सामने लाती है। ‘बेबी’ नामक पात्र के माध्यम से समाज के संवेदनहीन चेहरे को जिस गहराई से उकेरा गया, उसने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया।
अंतिम प्रस्तुति के रूप में धर्मवीर भारती के प्रसिद्ध नाटक ‘पत्र’ का मंचन किया गया, जिसका निर्देशन अमित कुमार पटेल ने किया। इस नाटक ने मानवीय रिश्तों, भावनात्मक द्वंद्व और आत्मसंवाद को सशक्त अभिनय के जरिए अभिव्यक्त किया और दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
समापन अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार इस स्तर का नाट्य महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों को मंच साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारते हैं तथा भविष्य में भी इन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का संचालन रिशु, दिशा, आयान एवं विभूति ने किया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव, कुलसचिव वेंकट रमन गुड़े, सहायक प्राध्यापक डॉ. कौस्तुभ रंजन, अतिथि व्याख्याता डॉ. शिशु कुमार, डॉ. प्रमोद पांडे सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


