खैरागढ़. विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ शुरू किए गए इस अभियान में जनभागीदारी को केंद्र में रखकर व्यापक रणनीति तैयार की गई है, जिसे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर जमीन पर उतार रहे हैं।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2024 में टीबी मुक्त घोषित 53 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को कांस्य और रजत श्रेणी में सम्मानित किया गया। उन्हें महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान को सराहा गया।
जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि वर्ष 2025 में 115 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने की दिशा में सक्रिय प्रयास जारी हैं। वहीं, राज्यपाल के गोद ग्राम सोनपुरी को टीबी मुक्त होने पर कांस्य श्रेणी में सम्मानित किया जाना जिले की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ता है।
अभियान के तहत जनजागरूकता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में मितानिनों और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा खैरागढ़ शहर में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शपथ ग्रहण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को टीबी के प्रति सजग किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के दौरान जिले के हाई-रिस्क ग्रामों, शहरी क्षेत्रों, कार्यालयों, आश्रमों और छात्रावासों में विशेष सर्वेक्षण किया जाएगा। संभावित मरीजों की पहचान कर एआई-समर्थित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों से निःशुल्क जांच की जाएगी। संदिग्ध मामलों की पुष्टि के लिए आधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क उपचार दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने स्वयं एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से अपनी जांच कराकर अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
अभियान की थीम —
“हाँ! हम टीबी का अंत कर सकते हैं — भारत के नेतृत्व में, जनभागीदारी की शक्ति से” — को साकार करने के लिए जिले में अंतर्विभागीय समन्वय और सामुदायिक सहयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. ऋतु राज सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, टीबी चैंपियनों और पीयर सपोर्टरों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जागरूकता, समय पर जांच और निरंतर उपचार के माध्यम से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है—और इसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।


