खैरागढ़. जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) बैग का वितरण किया। कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के मैदानी तंत्र को मजबूत करने की इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि जिले की कोई भी गर्भवती महिला और कोई भी शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से तैयार किए गए इन विशेष बैगों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक सभी सामग्री को सुव्यवस्थित ढंग से रखने की व्यवस्था की गई है। बैग में दवाइयों, जांच किट, अभिलेख संधारण सामग्री, सूचना-शिक्षा-संचार (आईईसी) पुस्तिकाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य उपकरणों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बैग में रक्तचाप मापक यंत्र, फेटल डॉप्लर, ग्लूकोमीटर, हीमोग्लोबिनोमीटर, वजन मापन उपकरण और ऊंचाई मापने के टेप जैसे महत्वपूर्ण उपकरण रखे जा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गांवों में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रमों के दौरान आवश्यक संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे और सेवाओं के संचालन में सुविधा होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन बैगों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों, किशोरियों एवं किशोरों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आकलन, परामर्श, टीकाकरण और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम नोडल अधिकारी, सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, प्रभारी चिकित्सक, मितानिन समन्वयक तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनका कहना था कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए ऐसे नवाचार भविष्य में भी जारी रहेंगे।


