खैरागढ़. छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता का महिलाएं केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित उपयोग नहीं कर रहीं, बल्कि इसे अपनी पारंपरिक आजीविका को मजबूत करने और स्वरोजगार बढ़ाने का माध्यम भी बना रही हैं।
नगर पंचायत गंडई के वार्ड क्रमांक 12 में निवासरत कंडरा समाज की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बांस खरीदने और उससे टोकरी, सूपा तथा अन्य उपयोगी घरेलू सामग्री तैयार करने में शुरू किया है। बांस शिल्प कंडरा समाज की पारंपरिक आजीविका का महत्वपूर्ण आधार रहा है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण इस कार्य को लगातार जारी रखना चुनौतीपूर्ण था। योजना से नियमित रूप से मिलने वाली सहायता ने महिलाओं को इस पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आर्थिक संबल दिया है।
महिलाएं अपने कौशल से तैयार बांस उत्पादों का स्थानीय बाजार में विक्रय कर रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ वे आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।
गंडई की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि शासन की आर्थिक सहायता यदि पारंपरिक हुनर और स्वरोजगार से जुड़ जाए, तो वह महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सकती है। कंडरा समाज की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि को अपनी मेहनत और कौशल से जोड़कर न केवल अपनी आजीविका को मजबूत किया है, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश की है।


