रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में लाखों किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा गया, इसके बावजूद 6 फरवरी को खरीदी बंद कर देना किसानों के साथ सीधा अन्याय है। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी 10 फरवरी को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर 2025 से धान खरीदी शुरू की, लेकिन बहुत कम समय में प्रक्रिया बंद कर दी गई। आज भी प्रदेशभर में किसान खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के खिलाफ सुनियोजित साजिश है।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि धान बेचने के बाद भी किसानों को पूरा भुगतान नहीं मिल पा रहा है। को-ऑपरेटिव बैंकों से एक बार में सिर्फ 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे कर्ज में डूबे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने रकबा समर्पण, खरीदी केंद्रों की दैनिक लिमिट घटाने और टोकन व्यवस्था को जानबूझकर बिगाड़ने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने भौतिक सत्यापन के नाम पर पटवारी, आरआई और तहसीलदारों द्वारा किसानों के घर-घर जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार किसानों को चोर समझती है। आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर भारतीय किसानों को कमजोर किया जा रहा है।
पार्टी का दावा है कि प्रदेश में करीब तीन लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। आम आदमी पार्टी ने धान खरीदी की समय-सीमा 6 फरवरी से बढ़ाकर कम से कम 28 फरवरी तक करने, रकबा समर्पण पर माफी मांगने और सभी किसानों के लिए पारदर्शी टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

