खैरागढ़/छुईखदान. शहीद नगरी छुईखदान में बुधवार को सद्गुरु कबीर संत समागम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। केकतीबाड़ी मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह में पंथ श्री हुजूर उदित मुनिनाम साहेब का आगमन होगा। आयोजन को लेकर कबीरपंथी समाज और आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंच, संत आवास, भोजन, पेयजल, विद्युत, पार्किंग और यातायात सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। आयोजन में 35 से 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में कबीरपंथी अनुयायियों के पहुंचने की संभावना है।

एसकेडीवी मिशन (सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली) के राष्ट्रीय प्रतिनिधि सीडी वर्मा ने बताया कि पंथ श्री हुजूर उदित मुनिनाम साहेब का आगमन बुधवार को होगा। उनके स्वागत के लिए मार्ग में विभिन्न स्थानों पर तैयारियां की गई हैं। धमधा की ओर से जोरातराई, बाजार अतरिया होते हुए खैरागढ़ और फिर छुईखदान तक श्रद्धालु एवं समाजजन उनका स्वागत करेंगे। छुईखदान पहुंचने पर बाइक रैली के साथ साहेब का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी और चौका आरती का आयोजन होगा। संत समागम को लेकर कबीरपंथी समाज में उत्साह का माहौल है।
कई दिनों से तैयारियों में जुटे हैं समाजजन

संत समागम को भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए एसकेडीवी मिशन के जिला, तहसील और ग्रामीण प्रतिनिधि पिछले कई दिनों से सक्रिय हैं। आयोजन की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें आयोजित की गईं। कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए पदाधिकारियों और सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। दामाखेड़ा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में मंगलवार शाम तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। आयोजन समिति के अनुसार, इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र और जिले के लोगों का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। गांव-गांव से कबीरपंथ से जुड़े अनुयायी तैयारियों में भागीदारी निभा रहे हैं।
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति ने विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया है। मंच व्यवस्था, संतों के आवास, भोजन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पार्किंग और वालंटियर प्रबंधन के लिए पदाधिकारियों एवं सदस्यों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समिति का कहना है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए पेयजल, भोजन, आवास, बिजली और वाहनों की पार्किंग के साथ यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। आयोजन को शांतिपूर्ण, भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी स्तरों पर तैयारियां की गई हैं।
सद्गुरु कबीर संत समागम कबीरपंथी समाज के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। आयोजकों के अनुसार, पंथ श्री हुजूर उदित मुनिनाम साहेब संत परंपरा में धनी धर्मदास साहेब की वंशावली की 16वीं पीढ़ी से जुड़े हैं। धनी धर्मदास साहेब को सद्गुरु कबीर दास जी के प्रमुख शिष्यों में माना जाता है। इसी परंपरा से जुड़े अनुयायी संत समागम में शामिल होने के लिए छुईखदान पहुंचेंगे।
आयोजन के माध्यम से संत परंपरा, आध्यात्मिक विचारों और कबीरपंथ की शिक्षाओं से जुड़े श्रद्धालु एकत्रित होंगे। छुईखदान में होने वाले इस समारोह में स्थानीय अनुयायियों के साथ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और दूसरे राज्यों से भी लोगों के शामिल होने की संभावना है।
कई प्रमुख प्रतिनिधियों की मौजूदगी
समागम से जुड़े आयोजन में एसकेडीवी मिशन के राष्ट्रीय प्रतिनिधि सीडी वर्मा, राज्य प्रतिनिधि महंत आरती दास, वरिष्ठ अधिवक्ता घम्मन साहू और जिला प्रतिनिधि देवकरण वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाजजन जुड़े हुए हैं। आयोजन समिति और कबीरपंथी समाज के प्रतिनिधि कार्यक्रम की तैयारियों तथा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
शहीद नगरी छुईखदान में आयोजित होने जा रहे इस संत समागम को लेकर क्षेत्र में उत्साह है। अब सभी की नजरें बुधवार को होने वाले मुख्य समारोह पर टिकी हैं, जहां हजारों श्रद्धालु पंथ श्री हुजूर उदित मुनिनाम साहेब के आगमन और संत समागम में शामिल होने पहुंचेंगे।


