खैरागढ़, 7 जून 2026. छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने की दिशा में अब व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य के सभी गांवों में प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए विशेष कार्रवाई की तैयारी की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
उच्च न्यायालय ने विचाराधीन प्रकरण क्रमांक WP (PIL) 23/2026 में 13 मई 2026 को पारित आदेश में राज्य सरकार को प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, कचरा संग्रहण एवं निपटान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर कड़ाई से नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य सचिव को 8 जुलाई तक विस्तृत पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।
न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पेपर, कपड़ा और जूट से बने बैगों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित निपटान तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इस सप्ताह विशेष सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नालियों और खुले क्षेत्रों में फैले प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटान किया जाएगा। एकत्रित प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) अथवा अधिकृत माध्यमों से विक्रय सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण, परिवहन, भंडारण, आपूर्ति अथवा विक्रय करते पाए जाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रूप से प्लास्टिक उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। सामूहिक प्रयासों से गांवों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त कर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


