खैरागढ़. होली के त्यौहार की खुशियाँ आने से पहले ही ग्राम ईटार के दो परिवारों में मातम पसर गया है। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम ईटार में सोमवार को उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब साल्हेवारा बांध में नहाने गए दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान तनिश डहारे (9 वर्ष) और समीर सोनवानी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। इस हादसे में एक अन्य किशोर कुलेश्वर सोनवानी (13 वर्ष) बाल-बाल बच गया, जिसने शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।

आटा चक्की से बांध की ओर मुड़ गए थे कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम ईटार निवासी तनिश, समीर और कुलेश्वर सोमवार दोपहर घर से बरबसपुर स्थित आटा चक्की में चावल पिसाने के लिए निकले थे। चक्की से काम निपटाने के बाद तीनों पास ही स्थित साल्हेवारा बांध की ओर चले गए। भीषण गर्मी के बीच बच्चों ने बांध के पानी में उतरने का फैसला किया, लेकिन उन्हें पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था।
गहराई में समाए दो दोस्त, झाड़ियों ने बचाई तीसरे की जान
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, नहाने के दौरान तनिश और समीर अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद कुलेश्वर सोनवानी भी डूबने की कगार पर था, लेकिन किस्मत से वह किनारे पर उगी बेशरम की झाड़ियों (पौधों) में फंस गया। उन झाड़ियों का सहारा लेकर कुलेश्वर किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा।
गांव में चीख-पुकार, अस्पताल पहुँचने से पहले थमी सांसें
हादसे के बाद सहमे हुए कुलेश्वर ने तत्काल गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन बदहवास होकर बांध की ओर दौड़े। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही गातापार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल अपने वाहन से दोनों बच्चों को जिला अस्पताल खैरागढ़ ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद दोनों को 'मृत' घोषित कर दिया।
"गातापार पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"
— पुलिस विभाग
परिजनों का बुरा हाल: एक ही गांव के दो मासूमों की मौत से ईटार और बरबसपुर क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे बच्चों को बांध या जलाशयों के पास अकेले न भेजें।


