खैरागढ़. छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. चरण दास महंत ने सोमवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान कांग्रेस संगठन को एकजुट करने का संदेश दिया। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के सांस्कृतिक भवन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने आगामी नगर पालिका चुनाव को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एकजुट नहीं हुए तो चुनावी सफलता हासिल करना कठिन होगा।

दौरे के दौरान डॉ. महंत ने नगर के प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर एवं रुक्खड़ स्वामी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के निवास पहुंचकर सौजन्य भेंट की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा हुई।

सांस्कृतिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. महंत का आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा और डॉ. चरण दास महंत ने संगठन के भीतर मौजूद मतभेदों और गुटबाजी के मुद्दे को भी स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने कहा कि चुनावी सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा।

हालांकि कार्यक्रम में कांग्रेस की आंतरिक स्थिति भी खुलकर सामने आती दिखाई दी। जिले के कई प्रमुख नेता कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे, जिसकी चर्चा कार्यकर्ताओं के बीच पूरे कार्यक्रम के दौरान होती रही। अनुपस्थित प्रमुख चेहरों में पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, छुईखदान नगर पंचायत अध्यक्ष नम्रता वैष्णव, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवराज किशोर दास, जिला कांग्रेस सदस्य गिरिराज किशोर दास वैष्णव, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष उत्तम सिंह ठाकुर, जनपद सदस्य आकाशदीप सिंह, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष भीखमचंद छाजेड़, नगर पालिका उपाध्यक्ष रज्जाक खान, नेता प्रतिपक्ष दिलीप लहरे तथा पार्षद सुमन दयाराम पटेल सहित कई बड़े नाम शामिल रहे। इन नेताओं की गैरमौजूदगी ने संगठन में गुटबाजी की चर्चाओं को और बल दिया।

अपने संबोधन में डॉ. महंत ने कहा कि वे विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के आमंत्रण पर खैरागढ़ आए हैं क्योंकि क्षेत्र में राजनीतिक असमंजस की स्थिति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपचुनाव और विधानसभा चुनाव में एकजुटता का परिचय देते हुए यशोदा नीलांबर वर्मा को विधायक बनाया था, उसी तरह की एकजुटता आगामी नगर पालिका चुनाव में भी दिखानी होगी।

राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं तथा हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद सहकारी समितियों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज और खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदना पड़ रहा है।
उन्होंने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया तथा कहा कि जनता महंगाई और अव्यवस्था से परेशान है। डॉ. महंत ने आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्री स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि महतारी वंदन योजना का पैसा शराब बिक्री से प्राप्त राजस्व से दिया जा रहा है।
गुटबाजी के सवाल पर डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है और सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कार्यक्रम में प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर मौजूद मतभेदों की चर्चा को फिर से हवा दे दी है।
कार्यक्रम में पूर्व डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल साहू, नीलेंद्र शर्मा, सुनीलकांत पांडे, नीलांबर वर्मा, डॉ. अरुण भारद्वाज, संदीप सिरमौर, शत्रुघ्न चंदेल, रामकुमार पटेल, विजय वर्मा, कपिनाथ महोबिया, आरती रिंकू महोबिया, दीपक देवांगन, शत्रुघ्न घृतलहरे, पुरुषोत्तम वर्मा, यतेंद्र जीत सिंह, सोनू ढीमर, पूरन सारथी, भरत चंद्राकर, संत निषाद, नदीम मेमन, शेखर दास वैष्णव, विश्वजीत सिंह, सूरज देवांगन, उमेश साहू, भूपेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नगर पालिका चुनाव से पहले खैरागढ़ में आयोजित यह कार्यक्रम कांग्रेस के लिए शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ संगठनात्मक एकजुटता की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का संदेश स्पष्ट रहा कि चुनावी मुकाबले में उतरने से पहले संगठन के भीतर की दूरियां समाप्त करना कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।


