खैरागढ़. विकासखंड छुईखदान के ग्राम गर्रा अंतर्गत स्थित कोहकाझोरी बैगा बसाहट में लंबे समय से बनी हुई पेयजल समस्या का समाधान हो गया है। ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन की त्वरित पहल से यहां नवीन नलकूप खनन कर हैंडपंप स्थापित किया गया है, जिससे अब बसाहट के सभी परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, कोहकाझोरी बैगा बसाहट के ग्रामीण काफी समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे थे। पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के पंचगणों के साथ जिला कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या से कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल को अवगत कराया था। ग्रामीणों ने बताया था कि पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की।
कलेक्टर के निर्देशानुसार पीएचई विभाग द्वारा कोहकाझोरी बैगा बसाहट में नवीन नलकूप का खनन कर हैंडपंप स्थापित किया गया। हैंडपंप शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया है।
नए हैंडपंप के चालू होने से अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों तक नहीं जाना पड़ रहा है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त समय और श्रम करना पड़ता था। वर्तमान में हैंडपंप से बसाहट के सभी परिवारों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे दैनिक जरूरतों की पूर्ति सुचारू रूप से हो रही है।
पेयजल समस्या के निराकरण पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए जिला प्रशासन, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से उनकी लंबे समय से चली आ रही बड़ी समस्या का समाधान संभव हो सका है।


