खैरागढ़. जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों को संलग्न किए जाने और विद्यालयों की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया।

नगर मंत्री रितिक कंडरा की अगुवाई में बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और वहां से रैली निकालते हुए नारेबाजी कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद छात्र काफी देर तक मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी करते रहे और वहीं धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “छात्रों के सम्मान में अभाविप मैदान में”, “जिला शिक्षा अधिकारी होश में आओ” और “कार्यालय में संलग्न शिक्षकों को विद्यालय वापस भेजो” जैसे नारे लगाए। छात्रों का कहना था कि जिले के कई सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी है। इसके बावजूद विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न कर कार्यालयीन कार्य कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गातापारजंगल में अंग्रेजी शिक्षक की कमी का मुद्दा भी उठाया
अभाविप ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गातापारजंगल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने कहा कि अंग्रेजी शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेषकर उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय की पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि डीईओ के विकल्प में आए अंग्रेजी व्याख्याता को गातापारजंगल स्कूल में पदस्थ अथवा स्थानांतरित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु हो सके।
सात प्रमुख मांगें रखीं
अभाविप ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें जिले के जिन विद्यालयों में शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों की कमी है, वहां तत्काल आवश्यकतानुसार पदस्थापना एवं व्यवस्था करना, डीईओ कार्यालय में संलग्न शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में वापस भेजना तथा विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त शिक्षक और आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।

इसके अलावा विद्यालयों में भवन, पर्याप्त कक्ष-कक्ष, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर एवं साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, नियमित कक्षाओं और विषयवार शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई। छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने तथा शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयीन कार्यों में संलग्न रखने की व्यवस्था समाप्त कर उनकी सेवाओं का अधिकतम उपयोग शिक्षण कार्य में करने की भी मांग की गई।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद प्रभारी सहायक संचालक मनोहर चंदेल छात्रों के बीच पहुंचे और उनका ज्ञापन लिया। अभाविप नगर मंत्री रितिक कंडरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ज्ञापन प्राप्ति की तिथि से एक सप्ताह के भीतर सभी मांगों पर ठोस एवं आवश्यक कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई से संगठन को अवगत कराया जाए।
अभाविप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों का संतोषजनक निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी हित में आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए मुख्य चौराहे पर चक्काजाम किया जाएगा। संगठन ने इसकी पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के साथ-साथ शिक्षकों को कार्यालयों में संलग्न रखने की व्यवस्था तत्काल समाप्त कर उन्हें कक्षाओं में वापस भेजना आवश्यक है, ताकि जिले के विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।


