खैरागढ़. रक्षाबंधन के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के सम्मान में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के शासकीय स्कूलों के बच्चे अपने हाथों से बनाई गई राखियां और शुभकामना संदेश देश की रक्षा में जुटे सैनिकों तक भेज रहे हैं। अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, सैनिकों के प्रति सम्मान और सामाजिक संवेदनाओं का विकास करना है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रदेशभर में बच्चे और स्थानीय माताएं-बहनें अपने हाथों से तैयार राखियां नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं परियोजना कार्यालयों में जमा करा रहे हैं। इसके बाद इन सभी रक्षा-सूत्रों को पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजा जाएगा, जहां से इन्हें देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।
इसी कड़ी में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ इस अभियान में भाग लिया। खैरागढ़ स्थित शासकीय हाई स्कूल अमलीपारा के छात्रों ने अपने हाथों से आकर्षक राखियां तैयार कीं और सैनिकों के नाम भावनात्मक संदेश भी लिखे। बच्चों ने अपने संदेशों में जवानों के साहस, त्याग और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने की कामना की।

विद्यालय के प्राचार्य सुनील गुनी ने बताया कि विद्यार्थियों ने स्वयं सामग्री एकत्र कर पूरी श्रद्धा और स्नेह के साथ राखियां बनाई हैं। इन राखियों को गुरुवार को परियोजना कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां से निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें सेना मुख्यालय भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे सैनिक हर मौसम और हर परिस्थिति में देश की सीमाओं पर डटकर देशवासियों की रक्षा करते हैं, उसी सम्मान और स्नेह के प्रतीक के रूप में बच्चों ने उनके लिए रक्षा-सूत्र तैयार किए हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू किया गया यह अभियान केवल राखियां भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश भी दे रहा है। बच्चों की मासूम भावनाओं से सजी ये राखियां निश्चित रूप से सरहद पर तैनात जवानों के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।


