खैरागढ़. छुईखदान विकासखंड के बैताल रानी घाटी क्षेत्र में वनभैंसा दिखाई देने से आसपास के गांवों में दहशत और सतर्कता का माहौल बन गया है। बीते दिन शाम करीब 5 बजे घाटी के ऊपरी हिस्से में वनभैंसा नजर आया, जिसे खुडमूड़ी निवासी सत्यदेव चंदेल ने मोबाइल कैमरे में कैद किया। वीडियो सामने आने के बाद यह सूचना क्षेत्र में तेजी से फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वनभैंसा सड़क से लगभग 20 मीटर की दूरी पर खड़ा था। कुछ समय तक राहगीर उसे देखने के लिए रुकते रहे, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। भीड़ बढ़ने पर वनभैंसा जंगल की ओर लौट गया। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
वनभैंसे की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और वनभैंसे की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन मंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने बताया कि वनभैंसा स्वभाव से शांत प्राणी होता है और वह बेवजह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने कहा कि इस कारण ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि बैताल रानी घाटी क्षेत्र में शाम के समय आवागमन अधिक रहता है, ऐसे में वन्यजीव की मौजूदगी से दुर्घटना या मानव–वन्यजीव संघर्ष की आशंका बनी रहती है। लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त, चेतावनी संकेत लगाने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की मांग की है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों में भोजन, पानी की कमी या प्राकृतिक आवास में हस्तक्षेप के चलते वन्यजीव आबादी क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को वन्यजीव से दूरी बनाए रखने, भीड़ न जुटाने और उसे उकसाने से बचने की सलाह दी जाती है।
प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों को भी सुरक्षित रखा जा सके।

