खैरागढ़/साल्हेवारा. क्षेत्र की होनहार छात्रा हीना रजक ने एमएससी (प्राणि विज्ञान) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 81 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, समाज और पूरे साल्हेवारा क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। हीना की सफलता को ग्रामीण अंचल की बालिकाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है।
हीना रजक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा साल्हेवारा में प्राप्त की। बचपन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियों में भी सक्रिय रहीं और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहीं। अपनी लगन, मेहनत और अनुशासित जीवनशैली के बल पर उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है।
उन्होंने दिग्विजय कॉलेज, राजनांदगांव से एमएससी (प्राणि विज्ञान) की पढ़ाई पूरी करते हुए 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वर्तमान में उनका लक्ष्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए सहायक प्राध्यापक बनना है, जिसके लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं।
अपनी सफलता के संबंध में हीना रजक ने बताया कि इस उपलब्धि का श्रेय वे अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या तथा माता-पिता के स्नेह, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को देती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहा है।
हीना की माता रेखा रजक एक कुशल गृहिणी हैं, जो अपने बच्चों सहित अन्य बच्चों को भी शिक्षा के प्रति निरंतर प्रेरित करती रही हैं। वहीं उनके पिता मोहित रजक की पहचान क्षेत्र में एक जागरूक एवं मार्गदर्शक पालक के रूप में है। शिक्षा के प्रति उनकी सकारात्मक सोच और बच्चों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि उनकी पुत्री ने यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
हीना की उपलब्धि पर उनके चाचा जमुना रजक, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) में कंपनी कमांडेंट, भिलाई के पद पर पदस्थ हैं, ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। इसके अलावा उनकी दादी माया रजक तथा दादा गोविंदराम रजक ने भी अपनी खुशी जाहिर की है।
हीना रजक की सफलता से रजक समाज में भी उत्साह और गौरव का वातावरण है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि हीना ने अपनी मेहनत और उपलब्धि से न केवल परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
इस अवसर पर दिलीप शुक्ला, ललित सोनी, बहादुर सिंह खुशरो, निजाम सिंह मंडावी, नरेन्द्र पटले, गिरधारी लाल वर्मा, जगदीश राम पंचकपाट, नेमबाई निर्मलकर, डॉ. अखिलेश यादव (सहायक प्राध्यापक) तथा धनीराम डड़सेना सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने हीना रजक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफलता की निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की शुभकामनाएं दी हैं।
ग्रामीण अंचल से निकलकर उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट सफलता हासिल करने वाली हीना रजक आज साल्हेवारा क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।


