खैरागढ़. खैरागढ़ वनमंडल अंतर्गत वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध वृक्ष कटाई के मामले में मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विभाग ने मामले में इस्तेमाल की गई जेसीबी मशीन भी जब्त कर ली है और उसके राजसात (सरकारी स्वामित्व में लेने) की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, छुईखदान परिक्षेत्र के आरक्षित वनखंड गातापार पश्चिम के कक्ष क्रमांक-239 अंतर्गत खम्हारडीह क्षेत्र में वृक्षों की अवैध कटाई की शिकायत मिलने पर वन विभाग ने जांच प्रारंभ की थी। जांच के आधार पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19998/16 दिनांक 26 मई 2026 को दर्ज किया गया।

वन विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(च), 26(1)(छ), 26(1)(ज), 26(1)(ख), 26(1)(ग) तथा शासकीय संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3(1) के तहत विस्तृत जांच की गई। जांच में अवैध कटाई के मुख्य आरोपी दौलत सिंह चंदेल की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।

इसके अलावा वृक्षों की कटाई में प्रत्यक्ष रूप से शामिल दशरथ पिता गोलाराम, परउ पिता पीलाराम, देवकुमार पिता लगनु तथा आत्माराम पिता कामता को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरक्षित वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया था। वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वन अपराध में प्रयुक्त उपकरणों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और जब्त जेसीबी के राजसात की प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वनों में अवैध कटाई, अतिक्रमण और वन अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। विभाग का कहना है कि वन संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध कटाई या वन अपराध की जानकारी तत्काल वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


