कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में कथित देह व्यापार के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है। शहर के मजगांव रोड स्थित एक मकान में पुलिस की दबिश के दौरान अवैध गतिविधियों के संकेत मिलने पर मकान मालिक अमिताभ नामदेव को हिरासत में लिया गया है। आरोपी स्वयं को पत्रकार और एक न्यूज़ पोर्टल का संपादक बताता था, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, उक्त मकान में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। आए दिन बाहरी लोगों की आवाजाही से क्षेत्र के लोग असहज महसूस कर रहे थे और इसकी शिकायतें पुलिस तक पहुंचाई जा रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कुछ दिनों तक गुप्त निगरानी की। पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।

पुलिस कार्रवाई के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से कई युवक-युवतियां पाए गए। जांच के दौरान एक नाबालिग युवती के मिलने से मामला अत्यंत गंभीर हो गया। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का मानना है कि यहां अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

इस संबंध में डीएसपी कृष्णा चंद्राकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से 500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जोड़ों को कमरा उपलब्ध कराता था। साथ ही बाहर से युवतियों को लाकर अवैध गतिविधियां कराए जाने की आशंका भी है। नाबालिग की मौजूदगी को देखते हुए मामले में पोक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़े जाने की संभावना है। फिलहाल सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच जारी है।
पत्रकारिता की साख पर गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार और लोकतांत्रिक पेशे की आड़ में संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उन असंख्य ईमानदार पत्रकारों की छवि को भी ठेस पहुंचाता है, जो निष्पक्षता और निष्ठा के साथ समाज के हित में कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा इस पहचान का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों में लिप्त होना पूरे पेशे की गरिमा और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

