खैरागढ़. भारत के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में शामिल देश के विभाजन की विभीषिका को याद करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया। जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित स्मृति सभा में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभाजन के दौरान मारे गए लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों की पीड़ा और उस दौर की त्रासद घटनाओं को याद किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे ने विभाजन के दौरान हुई घटनाओं को देश के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय देश ने ऐसी पीड़ा सही, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लाखों निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोग रातों-रात अपने ही घरों से बेघर हो गए। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उस ऐतिहासिक भूल और उससे उपजी यातनाओं को याद करने का अवसर है।
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भाजपा प्रभारी नलिनीश ठोकने ने कहा कि 14 अगस्त हमारे पूर्वजों द्वारा झेली गई असीम तकलीफों को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि देश को लंबे समय तक गुलामी सहनी पड़ी और आजादी की कीमत विभाजन के रूप में चुकानी पड़ी। विभाजन के दौरान लाखों बेगुनाहों की नृशंस हत्या हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक और सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की वास्तविक घटनाओं और उस दौर की पीड़ा का बोध होगा।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने विभाजन के दौरान खींची गई रेडक्लिफ रेखा का उल्लेख करते हुए कहा कि सिरिल रेडक्लिफ ने कभी भारत की जमीन पर कदम तक नहीं रखा था, लेकिन एक कमरे में बैठकर भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा खींच दी। उन्होंने कहा कि इस एक रेखा के कारण देश दो हिस्सों में बंट गया और लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने विभाजन के कारण विस्थापन का भयावह दर्द झेलने वाले परिवारों और इस त्रासदी में जान गंवाने वाले नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने विभाजन विभीषिका के विभिन्न पहलुओं और उसके ऐतिहासिक प्रभाव पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नवनीत जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष घम्मन साहू ने किया।
स्मृति सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें टीके चंदेल, शशांक ताम्रकार, खम्हन ताम्रकार, देवकुमार सेन, दिनेश वर्मा, राकेश ठाकुर, भोज बंजारे, आनंद सिन्हा, पंकज सिंह, अरुणा बनाफर, रेखा गुप्ता, किरण गुप्ता, कीर्ति वर्मा, अनीश सिंह, चंद्रशेखर यादव, विकेश गुप्ता, विनय देवांगन, राजकुमार जंघेल, गिरजा चंद्राकर, नीलिमा गोस्वामी, प्रीति यादव, जंत्री साहू, वंदना टांडेकर, श्यामसुंदर साहू, हेमू साहू, नंद चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, बलराम जंघेल, दीनदयाल सिन्हा, नीलम राजपूत, डॉ. राजेश्री त्रिपाठी, अशोक पाल, विजय मैथिल क्षत्रिय एवं डॉ. चंदू वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष, पीड़ा तथा त्याग को स्मरण कर भावी पीढ़ी को इतिहास से सीख लेने का संदेश देने वाला दिवस है।





