खैरागढ़. नगर पालिका परिषद खैरागढ़ द्वारा केंद्र प्रवर्तित योजना के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग मद से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए की गई करोड़ों रुपये की खरीदी अब सवालों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से खरीदे गए कई उपकरणों और वाहनों में गुणवत्ता मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया, जिसके चलते खरीदी के कुछ ही समय बाद उनमें व्यापक तकनीकी खराबियां सामने आने लगी हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर सुमन राज को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए हाथ रिक्शा, ई-रिक्शा, डिवाइडेड बिन मिनी टिप्पर, हाइड्रोलिक ट्रॉली और स्काई लिफ्ट मशीन सहित विभिन्न उपकरणों की खरीदी लगभग 1 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से की गई थी। आरोप है कि खरीदे गए हाथ रिक्शा और ई-रिक्शा मात्र दो माह के भीतर ही खराब होने लगे हैं। लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण पालिका के स्वच्छता कर्मियों को कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि रिक्शों में सामने आ रही खराबियां इस बात की ओर संकेत करती हैं कि खरीदी के दौरान गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया। इसके अलावा स्काई लिफ्ट मशीन की खरीदी को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मशीन की आपूर्ति गुणवत्ता संबंधी नियमों और निर्धारित स्पेसिफिकेशन की पर्याप्त जांच के बिना की गई। साथ ही तकनीकी परीक्षण और सत्यापन किए बिना भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा फाइल को अनुमोदन के लिए भेजने का भी आरोप लगाया गया है।
कांग्रेस ने मांग की है कि स्काई लिफ्ट मशीन की तकनीकी विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही 15वें वित्त आयोग मद के तहत हुई संपूर्ण खरीदी की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन, नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, सूर्यकांत यादव, शेखर दास वैष्णव, राहुल बंजारे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि से की गई खरीदी में गुणवत्ता और प्रक्रिया संबंधी अनियमितताएं पाई जाती हैं तो इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग होगा, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का उद्देश्य भी प्रभावित होगा। कांग्रेस नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।


