खैरागढ़. रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय तथा शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय खैरागढ़ में “उद्यमिता एवं कौशल विकास” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओ.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और रोजगारोन्मुखी कौशल के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. ओ.पी. गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में अपार प्रतिभा है और यदि उन्हें सही दिशा व प्रशिक्षण मिले तो वे न केवल स्वयं के लिए बल्कि समाज के लिए भी नए रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
कार्यशाला का आयोजन श्री नंदकुमार देवांगन और डॉ. जितेन्द्र कुमार साखरे के संयोजन तथा यशपाल जंघेल के सह-संयोजन में किया गया। प्रशिक्षण सत्र में जिला मास्टर ट्रेनर पारूल पांडे, जिला समन्वयक तुषार कुमार साहू, लोकेश सिन्हा एवं सहयोगी परमेश विजयवार ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों, उद्यमिता की संभावनाओं और व्यावहारिक जीवन में उपयोगी कौशलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार, नवाचार, लघु उद्यम स्थापना तथा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला में कुल 35 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण का लाभ उठाया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. उमेंद कुमार चंदेल, डॉ. परमेश्वरी कुंभज टांडिया और विकास चंद्रवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमेंद कुमार चंदेल ने किया, जबकि अंत में यशपाल जंघेल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुई, जिसमें उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने और अपने कौशल को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

