खैरागढ़. जिले में बीती रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। लगातार हो रही वर्षा से जहां आमजन ने राहत की सांस ली है, वहीं खेतों में धान की बुवाई कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। समय पर हुई अच्छी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है और किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है।

हालांकि लगातार हो रही बारिश का दूसरा पहलू भी सामने आया है। जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सलोनी, कातलवाही सहित कई गांवों की गलियों में पानी भर गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। लगातार वर्षा के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

इसी बीच धनगांव से सामने आई एक तस्वीर ने बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया। यहां धान की बुवाई कर खेत से लौट रहा एक किसान परिवार उफनती नदी को ट्रैक्टर के साथ पार करता नजर आया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से महज करीब दो किलोमीटर की दूरी पर सुरक्षित आवागमन के लिए पुल मौजूद है, लेकिन शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में परिवार ने अपनी और साथ मौजूद लोगों की जान जोखिम में डाल दी। तेज बहाव के बीच नदी पार करने की यह घटना किसी बड़े हादसे में भी बदल सकती थी।

उधर मौसम विभाग ने जिले में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि पुल-पुलियों के ऊपर पानी होने की स्थिति में किसी भी हाल में नदी-नाले पार करने का प्रयास न करें। साथ ही आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत और किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण दी है, वहीं जलभराव और उफनते नदी-नालों ने सावधानी बरतने की आवश्यकता भी बढ़ा दी है। प्रशासन का मानना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, इसलिए लोगों को सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करना चाहिए और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचना चाहिए।


