खैरागढ़. लगभग चार वर्ष पुराने पत्नी हत्या के चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायालय, खैरागढ़ ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला वैज्ञानिक जांच, ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर सुनाया गया।
मामला थाना खैरागढ़ के अपराध क्रमांक 631/2022 से जुड़ा है। प्रकरण के अनुसार, 14 अक्टूबर 2022 को आरोपी प्रमोद कुमार जंघेल (35 वर्ष), निवासी ऋषि विहार, रिसाली, जिला दुर्ग ने थाना क्षेत्र के ग्राम आमनेर नदी स्थित देहानी घाट के पास अपनी पत्नी संगीता जंघेल (27 वर्ष) की गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
थाना खैरागढ़ पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष जांच करते हुए घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत अभियोग तैयार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी ज्ञान दास बंजारे ने प्रभावी और सशक्त पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष सभी साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों से संतुष्ट होकर माननीय अपर सत्र न्यायालय, खैरागढ़ ने आरोपी प्रमोद कुमार जंघेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया।
न्यायालय ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 5,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। इस फैसले को गंभीर अपराधों के विरुद्ध न्यायिक व्यवस्था की सख्ती का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। वहीं, खैरागढ़ पुलिस ने भी इसे वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य आधारित जांच की सफलता बताया है।


