खैरागढ़. जिला मुख्यालय खैरागढ़ के एकमात्र ऐतिहासिक खेल मैदान में पिछले 15 दिनों से हाईमास्ट लाइटें बंद होने के कारण खिलाड़ियों, मॉर्निंग-ईवनिंग वॉक करने वालों और सेना-पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर का यह एकमात्र बड़ा खेल मैदान होने के कारण क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो समेत विभिन्न खेलों के खिलाड़ी प्रतिदिन यहां अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। इसी मैदान से अभ्यास कर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

शाम ढलने के बाद भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास जारी रखते हैं, लेकिन लाइटें बंद होने से अंधेरे में खेलना मजबूरी बन गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी है।

खिलाड़ियों का कहना है कि शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे अभ्यास प्रभावित हो रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व मैदान में शराबखोरी करते हैं और टूटी बोतलें फेंक देते हैं, जिससे कई खिलाड़ियों के पैरों में कांच लगने से चोट भी लगी है। वहीं बारिश का मौसम होने और मैदान में अंधेरा रहने से सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे खिलाड़ियों और ईवनिंग वॉक करने वालों में भय बना हुआ है। खिलाड़ियों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद लाइट चालू नहीं हो सकी।

खिलाड़ियों ने नगर पालिका से तत्काल हाईमास्ट लाइटें चालू कराने और मैदान में नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि सुरक्षित माहौल में खेल गतिविधियां संचालित हो सकें।
दो दिन में ठीक होगी लाइट, सुविधाओं के विस्तार की तैयारी : अध्यक्ष

नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने बताया कि जानकारी मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई गई, जिसमें तकनीकी खराबी सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर फॉल्ट दूर कर हाईमास्ट लाइटें चालू कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए मैदान में बने मंच पर डोम शेड, पाथ-वे, महिला खिलाड़ियों के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम निर्माण का इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।


