खैरागढ़. जिला पंचायत सहकारिता एवं उद्योग स्थाई समिति की द्वितीय बैठक शनिवार को आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता सभापति जमुना नरेश कुर्रे ने की। इस दौरान समिति सदस्य हेमलता मंडावी एवं ललित चोपड़ा सहित उद्योग, सहकारिता, खाद्य, जिला विपणन और मछली पालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत पिछले सत्र में हुई धान खरीदी और समितियों में सामने आए धन शॉर्टेज के मुद्दे से हुई। सहकारिता एवं जिला विपणन विभाग के अधिकारियों ने सदस्यों को इस संबंध में नियमों और प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी तथा पारदर्शिता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की गई।
खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में एपीएल और बीपीएल श्रेणी के तहत संचालित खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का विभागीय अधिकारियों ने जवाब देते हुए वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
मछली पालन विभाग ने जिले में संचालित समितियों और उन्हें दिए जा रहे अनुदानों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
बैठक में औद्योगिक विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सदस्य सचिव एवं उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री प्रणय बघेल ने जानकारी दी कि जिले में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए दो उद्योगपतियों द्वारा संभावित भूमि का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उद्योगों के लिए स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कौशल विकास विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक प्रकरण तैयार कर लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाया जाए।
बैठक के अंत में सभापति ने सभी विभागीय अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।




