खैरागढ़. संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती खैरागढ़ में बौद्ध समाज के नेतृत्व में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। दो दिनों तक चले विविध आयोजनों ने पूरे नगर को उत्सव के रंग में रंग दिया, जिसमें भव्य रैलियां, मंचीय कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत 13 अप्रैल की मध्यरात्रि अंबेडकर चौक स्थित प्रतिमा के समक्ष जन्मोत्सव मनाकर की गई। 14 अप्रैल की सुबह दाऊचौरा स्थित बुद्ध विहार से विशाल बाइक रैली निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों—अमलीडीह, सोनेसरार, इतवारी बाजार, बक्शी मार्ग और राज फैमिली चौक—से होते हुए पुनः अंबेडकर चौक पहुंची। रैली के समापन पर डॉ. नागेश सिमकर के नेतृत्व में उपस्थित जनसमूह को शीतल पेय वितरित किया गया। इसके पश्चात उपासक-उपासिकाओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बुद्ध वंदना, पंचशील एवं त्रिशरण का पाठ किया।

सायंकाल दाऊचौरा बुद्ध विहार से निकली पैदल रैली ने पूरे शहर में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने रैली का गर्मजोशी से स्वागत किया। तुरकारी पारा में सारथी समाज द्वारा फल एवं पेयजल वितरण किया गया, वहीं मस्जिद रोड पर मुस्लिम समाज के लोगों ने शरबत पिलाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। रैली के अंबेडकर चौक पहुंचने पर आतिशबाजी के साथ जयंती समारोह का उल्लासपूर्ण समापन हुआ।
मुख्य मंचीय कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज, वरिष्ठ नेता नीलांबर वर्मा, समाज संरक्षक मधुकर चोखान्दे, अध्यक्ष उत्तम बागड़े, पूर्व अध्यक्ष भोजराज ऊके तथा डॉ. मकसूद अहमद सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत सहारे ने किया।
अपने संबोधन में विधायक यशोदा वर्मा ने अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए बौद्ध समाज को आवंटित भूमि पर भवन निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 7 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं डॉ. मकसूद अहमद और डॉ. अरुण भारद्वाज ने शिक्षा को समाज के विकास का मूल आधार बताते हुए नई पीढ़ी को शिक्षित और जागरूक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों और छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विधायक के हाथों सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समाज के अनेक पदाधिकारी, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने न केवल बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया, बल्कि सामाजिक समरसता, शिक्षा और एकता का सशक्त संदेश भी दिया।




