जालबांधा/खैरागढ़. जालबांधा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और भी आसान होने जा रही है। वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए प्रदेश शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शासकीय महाविद्यालय जालबांधा के स्वतंत्र भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान कर दिया है। प्रथम चरण के निर्माण कार्यों के लिए 100 लाख रुपये (1 करोड़) की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया कैंपस
स्वतंत्र भवन के निर्माण से महाविद्यालय में न केवल कक्षाओं का संकट दूर होगा, बल्कि विद्यार्थियों को निम्नलिखित सुविधाएं मिल सकेंगी:
अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं: विज्ञान और अन्य प्रायोगिक विषयों के लिए विशेष लैब।
सुसज्जित पुस्तकालय: शोध और अध्ययन के लिए एक व्यवस्थित लाइब्रेरी।
आधारभूत संरचना: आधुनिक कक्षाएं और प्रशासनिक ब्लॉक।
स्थानीय लाभ: ग्रामीण अंचलों के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना होगा।
जनभागीदारी समिति के प्रयासों को मिली सफलता
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे महाविद्यालय जनभागीदारी समिति का निरंतर संघर्ष और प्रयास रहा है। समिति के अध्यक्ष श्री जयप्रकाश साहू ने शासन स्तर पर इस मांग को प्रमुखता से रखा था।
"यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वर्षों की सतत मेहनत और शासन के सकारात्मक दृष्टिकोण से यह संभव हुआ है। हमारा लक्ष्य है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और जल्द से जल्द छात्र आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें।"
— जयप्रकाश साहू, अध्यक्ष (जनभागीदारी समिति)
नेतृत्व के प्रति जताया आभार
स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों एवं समिति ने प्रदेश के नेतृत्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद संतोष पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार एवं उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।

