खैरागढ़. जनपद पंचायत खैरागढ़ के ग्राम पंचायत अवेली में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जा हटाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। घटना के दौरान मारपीट, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की रिपोर्ट सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि सरपंच और पंच ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम अवेली के खसरा नंबर 588 की भूमि को शासकीय घोषित किया गया है। ग्राम सभा ने इस भूमि का उपयोग मवेशियों के चारागाह और तालाब निर्माण के लिए अनुमोदित किया है। मनरेगा के तहत लगभग 14 लाख रुपये की लागत से इस कार्य की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

पंचायत का कहना है कि भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पंचायत प्रतिनिधियों, पटवारी और रोजगार सहायक की मौजूदगी में कब्जाधारियों को तीन बार लिखित नोटिस दिए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद स्थल निरीक्षण कर कार्य प्रारंभ करने की तैयारी की गई, तभी विवाद उभर आया।
सरपंच दुर्गा बाई सेन ने आरोप लगाया कि ग्राम के कुछ लोग जैसे महेश साहू, धनेश साहू, रामकुमार साहू और ईश्वरीय साहू ने वार्ड पंच नरेन्द्र सेन के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय साहू ने उनका हाथ पकड़कर अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्षों ने जालबांधा चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सरपंच और पंच ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटाने, कार्य प्रारंभ कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर शांति बनाए रखने की अपील की है।

