खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की गातापार थाना पुलिस ने पशु तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रकरणों में एक विधि से संघर्षरत बालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार एवं पुलिस अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराते हुए तस्करी में प्रयुक्त दो पिकअप वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार 8 मई 2026 को थाना गातापार पुलिस टीम थाना परिसर के सामने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि खैरागढ़ की ओर से दो सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक CG 07 CT 8649 और CG 04 MQ 0907 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक भरकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोका। तलाशी लेने पर वाहनों में 5 भैंस, 4 पड़िया और 2 पड़वा सहित कुल 11 मवेशियों को अत्यधिक भीड़ में ठूंसकर भरा गया था। मवेशियों के गले में रस्सियां बंधी थीं और उन्हें बिना चारा-पानी के ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर ही सभी मवेशियों को मुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी
नरेंद्र यादव पिता रमेश यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम कुरूद थाना जामुल जिला दुर्ग,
मोहम्मद इंतजार पिता मोहम्मद अयुर, उम्र 35 वर्ष, मूल निवासी मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश, वर्तमान निवासी भिलाई थाना जामुल जिला दुर्ग,
राज अंसारी पिता कहियाद अंसारी, उम्र 20 वर्ष, निवासी जामुल जिला दुर्ग,
राज राजपूत पिता मनोज कुमार राजपूत, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम कातलबोड़ थाना नांदघाट जिला बेमेतरा
तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को पुलिस हिरासत में लिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद इंतजार ने बताया कि वह मवेशियों की खरीद-फरोख्त का कार्य करता है तथा अन्य आरोपी उसके सहयोगी हैं। सभी मवेशियों को महाराष्ट्र ले जाकर बेचने की योजना थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मवेशी कीमत लगभग 2.05 लाख रुपये, पिकअप वाहन CG 07 CT 8649 कीमत लगभग 8 लाख रुपये, पिकअप वाहन CG 04 MQ 0907 कीमत लगभग 5 लाख रुपये तथा 4 मोबाइल फोन कीमत लगभग 31 हजार रुपये जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 15 लाख 36 हजार रुपये बताई गई है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 और 3/181 के तहत अपराध क्रमांक 31/2026 एवं 32/2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को नियमानुसार पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। दोनों मामलों में विवेचना जारी है।


