रायपुर. मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े मिथकों व झिझक को दूर करने के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी रायपुर में “तारुण्य वार्ता #पीरियड्स पर खुलकर” अभियान का शुभारंभ किया गया। यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत श्री बालाजी विद्या मंदिर, रायपुर में हुई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्तों और एडल्ट लीडर्स ने भाग लिया। प्रत्येक जिले से तीन-तीन प्रतिनिधि प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचे हैं, जो आगे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को विस्तार देंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. वर्णिका शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म जैसे विषय पर अब चुप्पी नहीं, बल्कि खुलकर संवाद और जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की सराहना करते हुए इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ के सहयोग से शुरू हुई यह मुहिम पूरे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान का समापन 28 मई को मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।
यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीमा कुमार ने कहा कि यह अभियान लड़कियों की गरिमा, समानता और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और अनावश्यक पाबंदियों को समाप्त करना बेहद जरूरी है। अभियान के माध्यम से न केवल बालिकाओं बल्कि लड़कों को भी माहवारी के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि उनकी समझ बढ़े और झिझक दूर हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में आयोजित होने वाले पीटीएम के माध्यम से भी इस विषय पर अभिभावकों को जागरूक किया जाना चाहिए।
यूनिसेफ के व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे किशोरों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता बढ़ेगी तथा मासिक धर्म स्वच्छता व्यवहार में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से माहवारी को लेकर संवाद की झिझक कम होगी और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई, वाश स्पेशलिस्ट श्वेता पटनायक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय आयुक्त जी स्वामी, रेड क्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, राज्य मुख्यालय आयुक्त रविश गुप्ता तथा स्टेट कोऑर्डिनेटर मेंबरशिप ग्रोथ मोहम्मद सादिक शेख मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) पूनम सिंह साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव ने किया। प्रशिक्षण के पहले दिन यूनिसेफ के एसबीसी कंसलटेंट अभिषेक त्रिपाठी, वाश ऑफिसर बिरजा कबी सतपथी तथा आशिष कुमार द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संयोजन दिलीप पटेल कर रहे हैं।
इस दौरान राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने उपस्थित प्रतिभागियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन का संकल्प भी दिलाया। अतिथियों द्वारा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) सरिता पाण्डेय, राज्य संगठन आयुक्त अमित क्षत्रिय, जलवती साहू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से जिला संगठन आयुक्त स्काउट धनुष सिन्हा, जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाइड शकुन्तला ठाकुर तथा गाइडर सरस्वती बंते ने इस दो दिवसीय कार्यशाला में भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।


