डोंगरगढ़/राजनांदगांव. जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में मां-बेटे की हत्या और बेटी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की विवेचना के अनुसार, वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद और परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने को लेकर जादू-टोना किए जाने का संदेह सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी हेमंत कुमार सोनकर के अलावा सोनू सोनकर और केशर सोनकर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टंगिया, मोटरसाइकिल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं, वारदात के बाद कपड़े और हथियार के लकड़ी के बेंट को जलाकर साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास से संबंधित अवशेष भी मिले हैं।
घर पहुंचने पर मृत मिले मां-बेटे, बेटी गंभीर रूप से घायल
पुलिस के अनुसार, ग्राम चौथना निवासी सुखी सोनकर ने 9 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घर पहुंचने पर उनकी पत्नी कमला सोनकर और पुत्र खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में मिले, जबकि पुत्री ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल थी। घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोंगरगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 606/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, 109 और 103(1) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
फरार संदिग्ध से पूछताछ में सामने आई तीनों की भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में थाना डोंगरगढ़ पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। साइबर सेल राजनांदगांव ने भी संदिग्धों की जानकारी जुटाने में सहयोग किया।
विवेचना के दौरान घटना के बाद से फरार संदिग्ध हेमंत कुमार सोनकर की पतासाजी कर उसे 12 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोनू सोनकर तथा केशर सोनकर की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी हेमंत ने अपने चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर और चाची कमला सोनकर पर धारदार हथियार से हमला किया था, जबकि चचेरी बहन ममता सोनकर को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
टंगिया, मोटरसाइकिल और साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास के अवशेष बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की टंगिया और मोटरसाइकिल विधिवत जब्त की है। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए कपड़ों और टंगिया के लकड़ी के बेंट को जलाकर नष्ट करने के प्रयास से संबंधित अवशेष भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात की योजना बनाने और साक्ष्य नष्ट करने से जुड़े तथ्यों के आधार पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी गई हैं।
तीनों आरोपियों को न्यायालय में किया गया पेश
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना में सामने आई भूमिका के आधार पर तीनों आरोपियों को 12 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी का समय क्रमशः दोपहर 2:30 बजे, 2:40 बजे और 2:50 बजे दर्ज किया गया। इसके बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. हेमंत कुमार सोनकर, पिता स्व. बलिराम सोनकर, उम्र 36 वर्ष।
2. सोनू सोनकर, पिता स्व. बलिराम सोनकर, उम्र 34 वर्ष।
3. केशर सोनकर, पति स्व. बलिराम सोनकर, उम्र 55 वर्ष।
तीनों आरोपी ग्राम चौथना, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव के निवासी हैं।
पुलिस टीम का रहा विशेष योगदान
इस कार्रवाई में निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख, उप निरीक्षक गीतांजलि सिंह, सहायक उप निरीक्षक विजय साहू तथा आरक्षक अविलेश ढीढी, किशन चंद्रा, कमल केवट, योगेश साहू, अजय पाटले, लीलाधर मंडलोई, गोविंद साहू, संजय देवांगन, रामखिलावन सिन्हा और मिल्कन वाल्टर का योगदान रहा। साइबर थाना से सहायक उप निरीक्षक द्वारिका लाउतरे तथा आरक्षक परिवेश वर्मा, अमित सोनी और जीवन ठाकुर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनांदगांव पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन और आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस तत्परता से कार्य कर रही है।


