खैरागढ़. शहर के टिकरापारा स्थित मोतिनाला पर बनी संकरी पुलिया एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। रविवार की शाम ग्राम अकरजन से लौट रहे चंपा यादव (36 वर्ष), पिता मनोहर यादव, की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे नदी में जा गिरी। बाइक के साथ दोनों सवार भी नदी में गिर पड़े। गनीमत रही कि दोनों को तैरना आता था, जिसके चलते उन्होंने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई। हालांकि, उनकी मोटरसाइकिल नदी में डूब गई। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने चंपा यादव और उनके साथी को सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया, जहां उपचार के बाद चंपा यादव की हालत स्थिर बताई गई। घटना की जानकारी फैलते ही वर्षों से उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग कर रहे टिकरापारा के वार्डवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने पुल पर बैठक कर चक्काजाम कर दिया।

हादसों के बावजूद नहीं शुरू हुआ पुल निर्माण

वार्डवासियों का कहना है कि इस संकरी पुलिया से गिरकर पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। यहां ट्रक, कार सहित कई वाहन पलटने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद वर्षों से उठ रही उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि पुल की स्वीकृति की बात तो कही जाती है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पुल के दोनों ओर सुरक्षा घेरा तक नहीं होने से यहां हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
चार-पांच गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की आवाजाही

यह पुलिया केवल टिकरापारा ही नहीं, बल्कि आसपास के चार से पांच गांवों के लोगों के आवागमन का भी प्रमुख रास्ता है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। ऐसे में पुल की बदहाल स्थिति और सुरक्षा इंतजामों का अभाव लोगों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों ने लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने पर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और जल्द से जल्द उच्चस्तरीय पुल बनाने की मांग की।
दो घंटे चक्काजाम, अधिकारियों से चर्चा के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

चक्काजाम की सूचना पर खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। आंदोलन के कारण करीब दो घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद प्रशासन की ओर से तहसीलदार धरने पर बैठे वार्डवासियों से चर्चा करने पहुंचीं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर पुल निर्माण जल्द शुरू कराने की बात कहते हुए लोगों को समझाइश दी। इसके बाद वार्डवासियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
काफी मशक्कत के बाद नदी से निकाली गई बाइक

चक्काजाम समाप्त होने के बाद नदी में डूबी मोटरसाइकिल को बाहर निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद बाइक को नदी से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था और वर्षों से लंबित निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि हादसों के बाद प्रशासन पुल निर्माण को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है।


