खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, छुईखदान में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने नवाचार करते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले 40 विद्यार्थियों को आमंत्रित किया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि जिले में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली कक्षा दसवीं की छात्रा कु. त्रिवेणी वर्मा को बैठक का मुख्य अतिथि बनाया गया। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राचार्यों एवं प्रधानपाठकों को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
शासन द्वारा निर्धारित तिथियों पर जिले में त्रैमासिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को जिले के सभी विद्यालयों में मेगा पालक-शिक्षक बैठक (मेगा पीटीएम) आयोजित कर परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। इन्हीं परिणामों की समीक्षा के लिए जिले के प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में विद्यालय की तर्ज पर छह मंत्रों के साथ प्रार्थना संपन्न हुई। इसके बाद मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
जिले की टॉपर छात्रा ने किया बैठक का शुभारंभ
जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने समीक्षा बैठक को नया स्वरूप देते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मान देने की पहल की। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति में कक्षा दसवीं की टॉपर कु. त्रिवेणी वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला शिक्षा अधिकारी देवांगन और संबंधित विद्यालय के प्राचार्य श्री चावड़ा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि बनी छात्रा का सम्मान किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टोलागांव, विकासखंड खैरागढ़ की छात्रा कु. त्रिवेणी वर्मा, पिता सियाराम वर्मा एवं माता श्रीमती नीतू वर्मा, ने 300 में से 287 अंक प्राप्त कर 95.60 प्रतिशत के साथ कक्षा दसवीं में ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। उनकी कक्षा शिक्षिका श्रीमती आराधना देवी वर्मा को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
चारों कक्षाओं में खैरागढ़ के विद्यार्थियों ने मारी बाजी
त्रैमासिक परीक्षा की जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में चारों कक्षाओं के प्रथम स्थान पर खैरागढ़ विकासखंड के विद्यार्थियों ने जगह बनाई। कक्षा नौवीं में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टोलागांव की कु. कुमकुम साहू ने 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। कक्षा दसवीं में इसी विद्यालय की कु. त्रिवेणी वर्मा 95.60 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में अव्वल रहीं।
कक्षा 11वीं में खैरागढ़ विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बढ़ईटोला की कु. खुशबू ने 85.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, कक्षा 12वीं में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चिचोला की कु. हसीना वर्मा ने 91.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया।
दो विकासखंडों वाले केसीजी जिले में खैरागढ़ विकासखंड का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रथम स्थान हासिल करने वाले चारों विद्यार्थी खैरागढ़ विकासखंड के हैं। वहीं, इन चारों कक्षाओं के टॉप-10 में शामिल कुल 40 विद्यार्थियों में से 28 विद्यार्थी खैरागढ़ विकासखंड के रहे। इस उपलब्धि को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी नीलिमा सिंह राजपूत को भी सम्मानित किया गया। कलेक्टर चंद्रवाल ने उन्हें पुरस्कार प्रदान कर शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों से संवाद कर कलेक्टर ने जाना पढ़ाई का तरीका
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों और प्राचार्यों से संवाद किया। उन्होंने हाई स्कूल मरकाटोला एवं प्रकाशपुर की छात्राओं कु. अनीशा कुर्रे, कु. राखी देवांगन और कु. कौशील निर्मलकर से उनके विद्यालय की तीन अच्छी विशेषताओं के बारे में पूछा। छात्राओं ने सहजता से अपने विचार साझा किए।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई, अध्ययन के तरीकों और समय प्रबंधन को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षा में अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षकों को शत-प्रतिशत प्रयास करने के साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार हो सके।
कक्षा नौवीं का परिणाम 52.58 प्रतिशत, सुधार की चुनौती
समीक्षा बैठक में सामने आए परीक्षा परिणामों के अनुसार जिले में कक्षा नौवीं का परिणाम 52.58 प्रतिशत, कक्षा दसवीं का 61.10 प्रतिशत, कक्षा 11वीं का 61.40 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का 68.92 प्रतिशत रहा। इन परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने कलेक्टर को आश्वस्त किया कि आगामी छमाही परीक्षा में परिणामों में सुधार लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने छुईखदान विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि आगामी छमाही परीक्षा में खैरागढ़ के समकक्ष ही नहीं, बल्कि उससे भी बेहतर परिणाम लाने की रणनीति तैयार करें। इसके लिए विकासखंड स्तरीय शिक्षा गुणवत्ता सेल, सभी प्राचार्यों और परीक्षा प्रभारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित कर कार्ययोजना बनाने तथा उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
राज्य की प्रावीण्य सूची में टॉप-10 में आने का लक्ष्य
बैठक में जिला शिक्षा गुणवत्ता सेल तथा दोनों विकासखंडों के शिक्षा गुणवत्ता सेल के अधिकारी-कर्मचारियों ने जिले के शैक्षणिक स्तर में सुधार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि पूर्व सत्र में जिला राज्य स्तरीय प्रावीण्य सूची में 21वें स्थान पर था, लेकिन चालू सत्र में जिले को शीर्ष दस में लाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन, सहायक संचालक मनोहर सिंह चंदेल, समग्र शिक्षा नोडल आत्माराम साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी नीलम सिंह राजपूत एवं प्रशांत चिर्वतकर, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेंद्र सुधाकर, अमरिका देवांगन एवं किशोरी लाल अमेला, बीआरसी सुजीत सिंह चौहान एवं दुष्यंत शर्मा, खैरागढ़ ब्लॉक के सीएसी प्रमुख प्रयाग सिंह, छुईखदान ब्लॉक के कौशल सिंह राजपूत तथा जिले के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, छुईखदान के पीटीआई कुशाल सिंह धुर्वे ने किया। अंत में जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने जिला शाला परिवार की ओर से कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।


