खैरागढ़/गंडई. नगर पंचायत गंडई के वार्ड क्रमांक 15 नवापारा में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मांग अब तेज होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में आंगनबाड़ी सुविधा नहीं होने से छोटे बच्चों और गर्भवती-धात्री महिलाओं को जरूरी सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर वार्डवासी जल्द ही कलेक्टर खैरागढ़–छुईखदान–गंडई को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शुरू करने की मांग करेंगे।
जानकारी के अनुसार नवापारा मोहल्ले में अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े हैं। क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रारंभिक व अनौपचारिक शिक्षा, पोषण आहार और अन्य बाल विकास सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं गर्भवती और धात्री महिलाओं को टीकाकरण, पोषण परामर्श तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे वार्डों या दूर स्थित केंद्रों पर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक मोहल्ले में करीब 15 से 20 छोटे बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र दूरी पर होने के कारण छोटे बच्चों का नियमित रूप से वहां पहुंच पाना मुश्किल होता है। कई अभिभावक आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चों को निजी विद्यालयों में भी नहीं भेज पाते, जिससे उनके प्रारंभिक शिक्षा और पोषण पर असर पड़ रहा है।
इसी समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रानी राजलक्ष्मी तिवारी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, महिला विंग नॉर्थ जोन) ने नवापारा में महिलाओं की बैठक आयोजित कर उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में महिलाओं ने बच्चों की शिक्षा और पोषण से जुड़ी कठिनाइयों को विस्तार से रखा। इस दौरान रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने आश्वासन दिया कि वार्डवासियों के साथ मिलकर जल्द ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और क्षेत्र में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मांग को प्राथमिकता से रखा जाएगा।
बैठक में उपस्थित महिलाओं और वार्डवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र की जरूरतों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वार्ड क्रमांक 15 नवापारा में शीघ्र मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की स्वीकृति दी जाए, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उनके ही मोहल्ले में उपलब्ध हो सकें।


