खैरागढ़. जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने छुईखदान विकासखंड के सुदूर ग्रामीण अंचलों में संचालित स्कूलों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कहीं बच्चों की प्रतिभा और शिक्षकों के नवाचार ने प्रभावित किया तो कहीं शिक्षकों की लापरवाही, अव्यवस्थित व्यवस्थाएं और कक्षाओं से नदारद रहने की गंभीर स्थिति सामने आई। पद्मावतीपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में चार शिक्षक-शिक्षिकाएं स्टाफ रूम में बैठे गप्पे मारते मिले। तीन कालखंड तक कक्षाओं में नहीं पहुंचने पर डीईओ ने उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत सुबह 9:45 बजे प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कुकरीटोला से हुई। यहां सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित मिले। बच्चों ने अंग्रेजी में प्रार्थना के दौरान अपना परिचय देने और प्रश्न पूछने जैसी गतिविधियों के माध्यम से नवाचार का प्रदर्शन किया। विद्यालय की बागवानी और शिक्षकों की मेहनत की डीईओ ने सराहना की। वहीं प्राथमिक शाला के बच्चों की गणित विषय में त्वरित जवाब देने की क्षमता से प्रभावित होकर उन्होंने तत्काल बच्चों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया।

इसके बाद डीईओ हायर सेकेंडरी स्कूल पद्मावतीपुर पहुंचे। यहां प्राचार्य शैलेंद्र मानिकपुरी विज्ञान भवन खैरागढ़ में आयोजित आरटीई बैठक में शामिल होने गए थे। विद्यालय को लेकर पूर्व में ग्रामीणों और जनसमुदाय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण के दौरान शिकायतें सही साबित हुईं। विद्यालय में मौजूद चारों शिक्षक-शिक्षिकाएं स्टाफ रूम में बैठे मिले। डीईओ ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक पहुंचकर विद्यार्थियों से शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि संबंधित शिक्षक पहले, दूसरे और तीसरे किसी भी कालखंड में कक्षा लेने नहीं पहुंचे थे और स्टाफ रूम में ही बैठे रहे। इस लापरवाही पर चारों शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
विद्यालय में करीब 12 से 15 कंप्यूटर सेट एक कमरे में अत्यंत दयनीय स्थिति में मिले, जो कबाड़ जैसे दिखाई दे रहे थे। कमरों में अव्यवस्था, शौचालयों की बदहाल स्थिति और साफ-सफाई का अभाव भी मिला। डीईओ ने इसके लिए संस्था प्रमुख की लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संस्था प्रमुख का नवंबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर लग रही थीं कक्षाएं, दूसरे दिन नए भवन में बैठे बच्चे
निरीक्षण के अगले चरण में डीईओ हाई स्कूल देवरचा पहुंचे। यहां नया माध्यमिक शाला भवन बनकर तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों की कक्षाएं गांव के शासकीय अस्पताल की दूसरी मंजिल पर संचालित की जा रही थीं। इस स्थिति पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। तत्काल समस्या के समाधान की पहल करते हुए ग्राम सरपंच नेताजी से दूरभाष पर सहमति प्राप्त की और उसी समय बच्चों के बैठने के लिए तैयार भवन में कक्षाओं की व्यवस्था शुरू कराई। इसका परिणाम यह रहा कि अगले ही दिन विद्यार्थी नए भवन में बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। निरीक्षण के दौरान संस्था प्राचार्य ने डीईओ को बताया कि देवरचा में हाई स्कूल का भवन ही उपलब्ध नहीं है। इस पर डीईओ ने भवन शाखा प्रभारी को लोक शिक्षण संचालनालय में भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
निरीक्षण पंजी तक नहीं दिखा सके जिम्मेदार
इसके बाद डीईओ ने प्राथमिक शाला छिंदारी, हायर सेकेंडरी स्कूल कुम्हरवाड़ा और रामपुर का निरीक्षण किया। रामपुर में प्रभारी प्राचार्य के बैठक में जाने की जानकारी दी गई। मोबाइल पर संपर्क करने के बावजूद संबंधित प्राचार्य दशरथ पटेल और उनके प्रभारी के प्रभारी प्राचार्य द्वारा निरीक्षण पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई। डीईओ ने नोटिस जारी होने की बात कही तो संबंधित जिम्मेदारों ने गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कहा, "दे दीजिए नोटिस, देना है तो दे दीजिए, कोई बात नहीं है।" विद्यालय का तिमाही परीक्षा परिणाम कमजोर मिलने पर डीईओ ने प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित कर अर्धवार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने के लिए जरूरी टिप्स दिए।
साल्हेवारा में छह कक्षाएं खाली, अंग्रेजी में कमजोर मिले विद्यार्थी
निरीक्षण के अंतिम पड़ाव में डीईओ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) साल्हेवारा पहुंचे। यहां प्रभारी प्राचार्य नरेंद्र कुमार पटले से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली गई। निरीक्षण में विद्यार्थियों का अंग्रेजी विषय में कमजोर स्तर सामने आया। चार शिक्षकों के ओडी पर अन्यत्र होने के कारण छह कक्षाएं खाली मिलीं। इस पर डीईओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए ऐसी स्थिति पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं में बेहतर समन्वय बनाने और नियमित अंतराल पर निरीक्षण करने को कहा गया। साथ ही विद्यार्थियों को प्रतिदिन डिक्शनरी के माध्यम से पांच नए अंग्रेजी शब्द लिखने और सीखने की सलाह दी गई। विद्यालय दो पालियों में संचालित होता है। शाम पांच बजे आयोजित प्रार्थना सभा में भी डीईओ ने विद्यार्थियों को बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए मार्गदर्शन दिया।
प्रार्थना और राष्ट्रगीत के छह पदों के पालन में भी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान प्रार्थना सभा और राष्ट्रगीत के गायन को लेकर जारी निर्देशों के पालन की स्थिति भी जांची गई। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, शासन और उच्च कार्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि लाउडस्पीकर, पोंगा और पेन ड्राइव के माध्यम से छह मंत्रों की प्रार्थना तथा आधिकारिक रूप से अंगीकृत राष्ट्रगीत के सभी छह पदों का पूर्ण गायन कराया जाए। इसके बावजूद निरीक्षण में शामिल स्कूलों में केवल सेजेस साल्हेवारा में ही इन निर्देशों का पूर्ण पालन होता मिला। शेष सभी विद्यालयों को आगामी 10 दिनों के भीतर निर्धारित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीर ने ग्रामीण स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डीईओ ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं का संचालन, स्वच्छता और शासन के निर्देशों का पालन अनिवार्य है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।




