खैरागढ़. खुदा से बेइंतहा मोहब्बत, त्याग और कुर्बानी का प्रतीक पवित्र पर्व ईद-उल-अज़हा गुरुवार को खैरागढ़ में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। दाऊचौरा स्थित ईदगाह परिसर में सुबह 8 बजे सामूहिक नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए।
जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मो. फखरुद्दीन रिज़वी ने ईद-उल-अज़हा की तकरीर करते हुए त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश दिया। इसके बाद विशेष नमाज अदा कराई गई तथा ईद-उल-अज़हा का खुदबा पढ़ा गया। नमाज के अंत में देश, प्रदेश और नगर की तरक्की, अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं।
कुर्बानी और समर्पण की याद दिलाता है पर्व
मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि ईद-उल-अज़हा इस्लाम में त्याग और सच्ची निष्ठा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था। उनकी अटूट आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने हजरत इस्माईल की जगह एक दुम्बे को भेज दिया और उन्हें जीवनदान दिया। तभी से इस दिन कुर्बानी की परंपरा निभाई जाती है।

जिला मुस्लिम समाज एवं इकरा फाउंडेशन के सचिव मो. याहिया नियाज़ी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा इंसान को त्याग, सेवा और इंसानियत का संदेश देता है। यह पर्व लोगों को आपसी भाईचारे और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
कब्रिस्तान पहुंचकर पढ़ी फातिहा
विशेष नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान पहुंचकर अपने मरहूमों के इसाले सवाब के लिए फातिहा पढ़ी और उनकी मगफिरत की दुआ मांगी। पूरे नगर में ईद को लेकर उल्लास और भाईचारे का माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
पुलिस व्यवस्था रही चुस्त-दुरुस्त
ईदगाह परिसर के आसपास नमाज के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही। थाना प्रभारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल सुबह से ही मुस्तैद रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर हाफिज मोहिब्बूल हक, हाफिज सराफत हुसैन, पूर्व सदर एवं नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान, सदर अरशद हुसैन, जफर हुसैन खान, खलील कुरैशी, मो. याहिया नियाज़ी, नसीम कादरी, सादिक मेमन, वसीम कादरी, हाजी नासीर मेमन, हाजी रिज़वान मेमन, हाजी तनवीर मेमन, हाजी ईमरान मेमन, हाजी मोहसिन अली, सैय्यद जाहिद अली, मुर्तजा खान, मो. इदरीश खान, शेख लतीफ खान, कय्यूम कुरैशी, सैय्यद लुकमान अली, सगीर कुरैशी, डॉ. मकसूद अहमद, जफर उल्लाह खान, अय्यूब सोलंकी, जुनैद खान, असद उल हक, समीर कुरैशी, रियाजुद्दीन कादरी, सैयद अल्ताफ अली, शौकत अली, जाकिर हुसैन, इरफान मेमन, तजम्मुल अली, रफीक सरधारिया, रियाज अशरफी, उबैद खान, जमीर खान, तारिक अमान, राजा सोलंकी, सोहेल खान, शादाब खान, जमील मेमन, नदीम मेमन, ईमरान अशरफी सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे। पुलिस विभाग से थाना प्रभारी अनिल शर्मा और एसआई पुरुषोत्तम निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।


