खैरागढ़. पर्यावरण संरक्षण, मातृत्व के सम्मान और प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय महाअभियान "एक पेड़ माँ के नाम" के अंतर्गत वन विभाग, वनमंडल खैरागढ़ द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय, खैरागढ़ परिसर में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता से 25 पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष राजश्री शैलेंद्र त्रिपाठी, जनपद उपाध्यक्ष लखन साहू, जनपद सदस्य शैलेंद्र मिश्रा, सरपंच गोपी वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी, जैव विविधता प्रबंधन समिति एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी' का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक माँ अपने शिशु का लालन-पालन कर उसे बड़ा करती है, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह लगाए गए पौधे की देखभाल तब तक करे, जब तक वह एक मजबूत वृक्ष का रूप न ले ले। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है तथा यह प्रत्येक नागरिक की मौलिक जिम्मेदारी भी है।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित जनों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया। आयोजन का संदेश स्पष्ट था कि "जहाँ हरियाली होगी, वहाँ खुशहाली होगी।"
कार्यक्रम के उत्तरार्द्ध में वन विभाग द्वारा गणमान्य नागरिकों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया गया। साथ ही निःशुल्क पौधा वितरण सेवा के लिए वन विभाग के विशेष वाहन को जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विभाग ने नागरिकों से अपने घर-आंगन, खेत-बाड़ी अथवा अन्य उपयुक्त स्थलों पर पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने की अपील की। इच्छुक लोग इस वाहन के माध्यम से भी निःशुल्क पौधे प्राप्त कर सकते हैं।

वन विभाग ने बताया कि भूलाटोला, भोरमपुर, गंडई एवं भाजीडोंगरी स्थित वन विभाग की नर्सरियों से भी आम नागरिकों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा सकें। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना है।





