खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठने के बीच विभाग ने तीसरी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आबकारी उप निरीक्षक राजकुमार कुर्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गंडई स्थित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का मामला सामने आने के बाद आबकारी आयुक्त ने यह कार्रवाई की है। लगातार तीन उप निरीक्षकों पर हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 21 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग की टीम ने 10 जुलाई 2026 को गंडई स्थित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छद्म ग्राहक (डिकॉय कस्टमर) के माध्यम से शराब की बिक्री दर की जांच कराई गई। जांच में दुकान के विक्रयकर्ता देव चंद रजक द्वारा गोवा स्पेशल व्हिस्की के 20 पाव शासन द्वारा निर्धारित 120 रुपये प्रति पाव की दर से कुल 2,400 रुपये के बजाय 2,500 रुपये में बेचे जाना पाया गया। यानी ग्राहकों से 100 रुपये अधिक वसूले गए।
इस अनियमितता के बाद विक्रयकर्ता देव चंद रजक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित मदिरा दुकान आबकारी उप निरीक्षक राजकुमार कुर्रे, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी के प्रभार क्षेत्र में आती है। आदेश में कहा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में इस प्रकार की गंभीर अनियमितता पाया जाना उनके कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण का परिचायक है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत एवं दंडनीय है। इसी आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता, दुर्ग रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई, विभाग पर उठ रहे सवाल
केसीजी जिले में बीते कुछ महीनों के भीतर आबकारी विभाग में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले खैरागढ़ आबकारी वृत्त के उप निरीक्षक विजयेंद्र कुमार को शहर में नकली शराब व ओवररेटिंग का मामला सामने आने पर निलंबित किया गया था। इसके बाद गंडई क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को कम्पोजिट मदिरा दुकान में ओवररेटिंग के मामले में निलंबित किया गया। उस मामले में जांच के दौरान विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर द्वारा पावर स्टार देसी मसाला प्लेन के तीन पाव की निर्धारित कीमत 240 रुपये के स्थान पर 250 रुपये वसूलने का मामला सामने आया था, जिस पर उसके खिलाफ भी आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत कार्रवाई की गई थी।
ओवररेटिंग और शिकायतों पर सख्त हुआ विभाग
जिले की शराब दुकानों में लंबे समय से ओवररेटिंग, ग्राहकों से अभद्र व्यवहार, मनमानी वसूली और गुंडागर्दी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद आबकारी विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार तीन उप निरीक्षकों के निलंबन से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि विभाग अब शराब दुकानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने की दिशा में कार्रवाई कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले की अन्य मदिरा दुकानों में भी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।


