नई दिल्ली. देश में बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और युवाओं की बढ़ती निराशा के बीच सोशल मीडिया पर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने महज कुछ दिनों में ऐसा डिजिटल तूफान खड़ा कर दिया है, जिसने राष्ट्रीय राजनीति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। व्यंग्य और मीम संस्कृति के सहारे शुरू हुआ यह ऑनलाइन अभियान अब देश के सबसे चर्चित डिजिटल मूवमेंट्स में गिना जा रहा है।
गुरुवार को इस विवाद ने नया मोड़ तब लिया, जब CJP का आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भारत में “लीगल डिमांड” के बाद बैन/विथहोल्ड कर दिया गया। अकाउंट हटने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया — “Why are they so scared of us?”। इसके बाद सोशल मीडिया पर #CockroachJantaParty और #CJP ट्रेंड करने लगे।
4-6 दिनों में करोड़ों फॉलोअर्स, बड़े दल भी पीछे
सबसे ज्यादा चर्चा CJP की रिकॉर्डतोड़ सोशल मीडिया ग्रोथ को लेकर हो रही है। 15-16 मई के आसपास शुरू हुए इस पेज ने महज 4 से 6 दिनों के भीतर इंस्टाग्राम पर 1.05 करोड़ से लेकर 1.26 करोड़ तक फॉलोअर्स जुटा लिए। कई डिजिटल ट्रैकिंग रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 12 से 13 मिलियन तक बताया गया है।
दिलचस्प बात यह रही कि इस ग्रोथ ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को भी पीछे छोड़ दिया, जिसके करीब 87 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। कांग्रेस के बाद CJP अब भारत की सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली “पार्टी” पेजों में शामिल हो गई है, हालांकि यह चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त कोई राजनीतिक दल नहीं है।
कथित ‘कॉकरोच’ टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई, जब मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने का दावा किया गया। इस कथित बयान को लेकर युवाओं में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर मीम्स, पोस्ट और विरोध अभियान शुरू हो गए।
इसी माहौल के बीच 16 मई को अभिजीत दिपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से इस व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान की शुरुआत की। बताया जाता है कि दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम से भी जुड़े रहे हैं।
व्यंग्य में राजनीति, मीम्स में संदेश
CJP ने खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग एक “सैटायरिकल मूवमेंट” बताया है। पार्टी का नारा —
“Secular, Socialist, Democratic, Lazy”
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
पार्टी के 5-पॉइंट मैनिफेस्टो में बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। सदस्यता के लिए रखी गई शर्तें भी पूरी तरह व्यंग्यात्मक हैं — “बेरोजगार होना”, “आलसी होना”, “ज्यादा स्क्रीन टाइम होना” जैसी बातें युवाओं के बीच मीम कंटेंट बन गईं।
पार्टी का दावा है कि उसकी वेबसाइट cockroachjantaparty.org पर अब तक 3.5 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
विपक्ष का समर्थन, BJP के आरोप
इस डिजिटल अभियान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी नेताओं महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद समेत कई नेताओं ने युवाओं की नाराजगी को जायज बताते हुए अप्रत्यक्ष समर्थन जताया। वहीं BJP से जुड़े कुछ नेताओं और समर्थकों ने इसे विपक्ष प्रेरित डिजिटल प्रोपेगेंडा करार दिया है।
यूट्यूबर और सोशल मीडिया कमेंटेटर ध्रुव राठी समेत कई प्रभावशाली आवाजों ने कहा कि यह ट्रेंड देश के युवाओं में बढ़ते फ्रस्ट्रेशन और सिस्टम के प्रति अविश्वास का प्रतीक है।
क्षणिक ट्रेंड या नई डिजिटल राजनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP फिलहाल कोई वास्तविक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं की सामूहिक नाराजगी और व्यंग्यात्मक प्रतिरोध का प्रतीक बनकर उभरी है। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां और अवसरों की कमी जैसे मुद्दों ने इसे व्यापक समर्थन दिलाया है।
हालांकि बड़ा सवाल अब यही है कि क्या “कॉकरोच जनता पार्टी” केवल सोशल मीडिया का क्षणिक वायरल ट्रेंड साबित होगी, या फिर यह आने वाले समय में युवाओं की डिजिटल राजनीति का नया चेहरा बन सकती है।


