खैरागढ़. महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी मनोहर सेन ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सवालों की बौछार करते हुए पूछा है कि जब सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और संसद से बिल पारित हो चुका है, तो इसके क्रियान्वयन में देरी क्यों हो रही है।
सेन ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था। लोकसभा में 454 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि केवल 2 ने विरोध किया। वहीं राज्यसभा में भी यह बिल 214 वोटों के साथ बिना किसी विरोध के पारित हो गया था। ऐसे में, उन्होंने सवाल उठाया कि मजबूत बहुमत के बावजूद सरकार इसे लागू करने से क्यों पीछे हट रही है।
उन्होंने भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों और पुतला दहन पर भी निशाना साधा। सेन ने कहा कि सत्ता में रहते हुए इस तरह का प्रदर्शन करना “राजनीतिक दिखावा” प्रतीत होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनके हाथ में निर्णय लेने की पूरी ताकत है, वही सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं, जो समझ से परे है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना दरअसल इसे टालने की रणनीति है। उनके अनुसार, यह देश की आधी आबादी के अधिकारों के साथ अन्याय है और सरकार को इस पर स्पष्ट व तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
अंत में मनोहर सेन ने चेतावनी दी कि यदि महिला आरक्षण को जल्द लागू नहीं किया गया, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई को और तेज किया जाएगा।


