खैरागढ़. आम आदमी पार्टी (आप) में कथित तौर पर सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। पार्टी के छत्तीसगढ़ जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने इसे “जनता और लोकतंत्र के साथ विश्वासघात” बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसके जरिए विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
मनोज गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी आज देश में ईमानदार राजनीति का मजबूत विकल्प बनकर उभरी है और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष कर रही है। ऐसे समय में कुछ नेताओं का पार्टी छोड़कर भाजपा में जाना उनकी “सत्ता लोलुपता” को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को पार्टी ने पहचान और सम्मान दिया, वे कठिन समय में संघर्ष करने के बजाय सत्ता के साथ खड़े हो गए।
उन्होंने आगे कहा कि सांसदों के इस कदम से स्पष्ट है कि उन्होंने जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की है। “जनता सब देख रही है और आने वाला समय आप का होगा,” गुप्ता ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें पहले राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे उसी पद के जरिए संसद पहुंचे थे।
गुप्ता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अब विचारधारा और जनसमर्थन के बजाय “डर, दबाव, प्रलोभन और तोड़फोड़” की राजनीति पर निर्भर हो गई है। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं के जाने से संगठन को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि कार्यकर्ताओं में उत्साह और बढ़ा है।
इस घटनाक्रम के बीच उन्होंने यह भी कहा कि देश वर्तमान में चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और सत्ता के खिलाफ जन आंदोलन तेज हो रहे हैं। ऐसे समय में पार्टी अपने सिद्धांतों और जनसमर्थन के बल पर मजबूती से खड़ी है।
उल्लेखनीय है कि आप के जिन सांसदों के भाजपा में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता के नाम शामिल हैं।


