खैरागढ़. खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत वसूली पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खैरागढ़ जनपद क्षेत्र में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कृषि विभाग की समीक्षा बैठक गुरुवार को जनपद पंचायत सभा कक्ष खैरागढ़ में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. राजेश्री शैलेंद्र त्रिपाठी ने की।
बैठक में कृषि सभापति कोमल सिंह, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु गुप्ता, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) ए.के. धोरमारे, सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं निगरानी समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में किसानों से प्राप्त शिकायतों, उर्वरकों की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
डॉ. राजेश्री त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंजीकृत उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे खाद वितरण की नियमित निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से यूरिया, डीएपी एवं अन्य रासायनिक उर्वरकों की बिक्री केवल निर्धारित शासकीय दर पर सुनिश्चित कराने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी विभिन्न कृषि केंद्रों में लगाई जाएगी।
खरीफ सीजन की मांग को देखते हुए खैरागढ़ जनपद क्षेत्र के 30 उर्वरक विक्रय केंद्रों में कृषि विकास अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संबंधित केंद्रों में उपस्थित रहकर खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
देखिए कहां कौन से अधिकारियों की हुई है नियुक्ति:


बैठक में यह भी तय किया गया कि किसानों को खाद उपलब्धता और वितरण केंद्रों की जानकारी देने के लिए कोटवारों एवं रोजगार सहायकों के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कराई जाएगी। इससे किसानों को यह जानकारी समय पर मिल सकेगी कि किस केंद्र पर उर्वरक उपलब्ध है और वे कहां से खाद प्राप्त कर सकते हैं।
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पंजीकृत दुकानदारों को प्रतिदिन ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक का रिकॉर्ड संधारित करना अनिवार्य किया गया है। स्टॉक क्लोजिंग के समय संबंधित प्रभारी अधिकारी के हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे। साथ ही अधिकारियों को प्रतिदिन स्टॉक सत्यापन कर उसकी प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि उर्वरकों का विक्रय केवल शासकीय दर पर किया जाए तथा किसानों पर किसी अन्य सामग्री की अनावश्यक टैगिंग या जबरन बिक्री जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि किसी केंद्र पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा एवं खाद वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए एक निगरानी समिति का गठन भी किया गया है। समिति में जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. राजेश्री शैलेंद्र त्रिपाठी, कृषि सभापति, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खैरागढ़, सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ए.के. धोरमारे को शामिल किया गया है।
बैठक के अंत में डॉ. राजेश्री त्रिपाठी ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। किसी भी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


