खैरागढ़. खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम अवेली में गुरुवार शाम एक जंगली हिरण के अचानक गांव में पहुंचने से लोगों में उत्सुकता फैल गई। हालांकि ग्रामीणों ने समझदारी और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हिरण को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित बचाया और तत्काल डायल-112 तथा वन विभाग को इसकी सूचना दी। समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हिरण का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ आवारा कुत्ते हिरण का लगातार पीछा कर रहे थे। जान बचाने के प्रयास में हिरण जंगल से भटककर गांव में पहुंच गया और कुत्तों से बचने के लिए एक किसान के ब्यारा (खलिहान) में जाकर छिप गया। किसान की नजर जब हिरण पर पड़ी तो उसने पहले कुत्तों को वहां से भगाया और फिर अन्य ग्रामीणों की मदद से हिरण को सुरक्षित पकड़कर रस्सी से बांध दिया, ताकि वह घबराकर इधर-उधर भागने के दौरान घायल न हो जाए। इसके बाद तुरंत वन विभाग और डायल-112 को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और हिरण को अपने कब्जे में लेकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। आवश्यक जांच के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और हिरण को देखने के लिए भीड़ लग गई।
खैरागढ़ डीएफओ पंकज राजपूत ने बताया कि जंगली हिरण अक्सर चारा और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। कई मामलों में आवारा कुत्तों के पीछा करने के कारण भी वे रास्ता भटककर गांवों में आ जाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई भी जंगली जानवर गांव या आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने या डराने की बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके। ग्रामीणों की सतर्कता और संवेदनशीलता के कारण इस पूरे घटनाक्रम में हिरण पूरी तरह सुरक्षित रहा।


