खैरागढ़. प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्तियों को लेकर राज्य शासन ने आखिरकार फैसला लेते हुए विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में मनोनयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को आंशिक राहत मिली है। हालांकि सीमित निकायों में ही नियुक्तियां होने से बड़ी संख्या में दावेदारों को अब भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखने तथा लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। जारी सूची पर नजर डालें तो कई स्थानों पर पार्टी के पुराने, सक्रिय और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) की बात करें तो राज्य शासन ने नगर पंचायत छुईखदान और नगर पंचायत गंडई में एल्डरमैन नियुक्त किए हैं। छुईखदान नगर पंचायत में राजू उइके, किरण गुप्ता और अर्जुन महोबिया को मनोनीत सदस्य बनाया गया है। वहीं गंडई नगर पंचायत में टेकन देवांगन, राजेश जायसवाल और अशोक देवांगन को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है।

हालांकि जिले की सबसे प्रमुख नगरीय इकाई खैरागढ़ नगर पालिका परिषद में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर दावेदारों को अभी और इंतजार करना होगा। शासन द्वारा जारी सूची में खैरागढ़ नगर पालिका का नाम शामिल नहीं है। इसके पीछे प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि जिन नगरीय निकायों में इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां आचार संहिता और चुनावी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए फिलहाल एल्डरमैन नियुक्त नहीं किए गए हैं। ऐसे निकायों में चुनाव संपन्न होने के बाद ही मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति की जाएगी।
कौन होते हैं एल्डरमैन?
एल्डरमैन, जिन्हें मनोनीत पार्षद भी कहा जाता है, नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत जैसे नगरीय निकायों में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य होते हैं। आमतौर पर प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक सेवा, व्यापार या सार्वजनिक जीवन में अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को इस जिम्मेदारी के लिए चुना जाता है।
क्या होती हैं उनकी जिम्मेदारियां?
एल्डरमैन अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर नगरीय निकायों को जनहित से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव देते हैं। वे शहरी विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा पेयजल, सड़क, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की निगरानी में सहयोग करते हैं। इसके अलावा वे नगर परिषद की विभिन्न समितियों के सदस्य के रूप में कार्य कर सकते हैं और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी राय देकर निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।
मनोनीत सदस्य नागरिकों की समस्याओं को परिषद के समक्ष रखने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने का कार्य भी करते हैं। वे परिषद की बैठकों में चर्चा और निर्णय प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं, लेकिन सामान्य प्रस्तावों पर मतदान करने का अधिकार उन्हें प्राप्त नहीं होता।
राज्य शासन की इस नियुक्ति सूची के बाद जहां छुईखदान और गंडई में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं खैरागढ़ नगर पालिका में एल्डरमैन की नियुक्ति चुनाव संपन्न होने के बाद ही होने की संभावना है।


