खैरागढ़. पीएम श्री डॉ. पदुम लाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय, खैरागढ़ में वार्षिकोत्सव, भूतपूर्व छात्र सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, अनुशासन और विद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित एक यादगार अवसर के रूप में सामने आया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और भूतपूर्व छात्रों की गरिमामय उपस्थिति ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ गरिमामय शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों ने शिक्षा के प्रति आस्था और सम्मान व्यक्त किया। शुभारंभ के साथ ही पूरे परिसर में उत्सव, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा का वातावरण निर्मित हो गया।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां


छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का मुख्य आकर्षण रहे। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और नैतिक आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा गया। विशेष रूप से भगवान राम और माता सीता के चरित्र पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और तालियों की गूंज से सभागार भर उठा।
अतिथियों ने साझा किए अनुभव और विचार
नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त मंच होता है। सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी स्थापना वर्ष 1885 में तत्कालीन राजा उमराव सिंह ने अपने पुत्र कमलनारायण सिंह की शिक्षा के लिए की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में भूतपूर्व छात्र सम्मेलन को और व्यापक बनाते हुए अब तक यहां अध्ययन कर चुके सभी विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।
गरिमामय उपस्थिति से समारोह की बढ़ी भव्यता

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र की विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा उपस्थित रहीं। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर तथा विशिष्ट अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष राजेश्री शैलेन्द्र त्रिपाठी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह विशेष रूप से शामिल हुए।
इसके अलावा समारोह में पूर्व जिला पंचायत सभापति एवं भूतपूर्व छात्र घम्मन साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष लखन साहू, जिला पंचायत सदस्य दिनेश वर्मा, शैलेन्द्र मिश्रा, शैलेन्द्र त्रिपाठी, गोरेलाल वर्मा, कमलेश कोठले एवं ऋषभ सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अरुण भारद्वाज, दीपक देवांगन, रूपेंद्र रजक, सुमित टांडिया, देवीन कोठले, नीलिमा गोस्वामी, वंदना टांडेकर तथा नीलम सिंह राजपूत ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष शशांक ताम्रकार, प्राचार्य अनुराग सिंह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं भूतपूर्व छात्र भी मौजूद रहे। अतिथियों की व्यापक उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
विकास कार्यों के लिए बड़ी घोषणा

मुख्य अतिथि विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वार्षिकोत्सव का विद्यार्थी पूरे वर्ष उत्सुकता से इंतजार करते हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार और धर्म की शिक्षा देने की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में डोम निर्माण एवं किचन शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा कर शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का भरोसा दिलाया।
पुरस्कार वितरण और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना दिखी। इसी क्रम में विद्यालय में पूर्व में सेवाएं दे चुके भूतपूर्व शिक्षकों का भी अतिथियों द्वारा शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। अतिथियों ने शिक्षकों को विद्यालय की आत्मा बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर भावुक क्षण देखने को मिले, जब पूर्व शिक्षक अपने पुराने अनुभव और स्मृतियां साझा करते नजर आए।समारोह के समापन पर अतिथियों के सम्मान में नेवता भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी अतिथियों ने सहभागिता की।
आभार प्रदर्शन के साथ समापन
समारोह के अंत में प्राचार्य अनुराग सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, भूतपूर्व छात्रों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम प्रेरणा, गर्व और भविष्य के प्रति नई उम्मीदों के साथ संपन्न हुआ।


