खैरागढ़. किसानों को ऑनलाइन खाद एवं कृषि दवाई उपलब्ध कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से 12 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक और वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार थाना खैरागढ़ में ग्राम चिखलदाह निवासी किसान ऋषभ सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कृषि कार्य के लिए खाद और कृषि दवाई खरीदने के उद्देश्य से उसने मोबाइल नंबर 7042419459, 9217808893, 8630060332 और 9217745330 पर संपर्क किया। फोन करने वालों ने स्वयं को खाद एवं कृषि दवाई का सप्लायर बताते हुए व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल के माध्यम से ऑर्डर लिया और अलग-अलग किश्तों में कुल ₹5.40 लाख अपने बैंक खातों में ऑनलाइन जमा करा लिए।
राशि प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने न तो खाद और कृषि दवाइयों की आपूर्ति की और न ही रकम लौटाई। इसके बाद सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए और पीड़ित से संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया साइबर धोखाधड़ी पाए जाने पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66D के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के विस्तृत विश्लेषण के दौरान आरोपी की लोकेशन जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) में मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर अनुरुद्ध कुमार (27 वर्ष) पिता दयाराम कश्यप, निवासी ग्राम नगला लछी, थाना किसनी, पोस्ट शमशेरगंज, जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक तथा घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद कर विधिवत जब्त किए हैं। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
केसीजी पुलिस ने किसानों सहित आम नागरिकों से अपील की है कि खाद, बीज, कृषि दवाई अथवा अन्य कृषि सामग्री की ऑनलाइन खरीदारी करते समय संबंधित कंपनी और विक्रेता की विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी अनजान मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया पोस्ट या आकर्षक ऑफर के झांसे में आकर अग्रिम भुगतान न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, www.cybercrime.gov.in� अथवा निकटतम पुलिस थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई राशि सुरक्षित कराने और आरोपियों तक शीघ्र पहुंचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।





