खैरागढ़. छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने प्रशासनिक आधार पर व्यापक तबादला आदेश जारी करते हुए विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के तहत सहायक आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी तथा उप निरीक्षक स्तर के कुल 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।



इस तबादला सूची में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले को भी बड़ी प्रशासनिक राहत मिली है। लंबे समय से स्थायी जिला आबकारी अधिकारी के अभाव से जूझ रहे जिले में अब नियमित अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। आदेश के अनुसार सहायक आयुक्त कार्यालय दुर्ग में पदस्थ जिला आबकारी अधिकारी सी.आर. साहू को केसीजी जिले का जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं जिला आबकारी कार्यालय बस्तर में पदस्थ उप निरीक्षक अंकित राठौर की भी जिले में पदस्थापना की गई है।
लंबे समय से प्रभावित था विभागीय कामकाज
केसीजी जिले में स्थायी जिला आबकारी अधिकारी नहीं होने के कारण विभाग के कई प्रशासनिक और मैदानी कार्य प्रभावित हो रहे थे। विभागीय निर्णयों में देरी, निगरानी व्यवस्था की कमजोरी और शिकायतों के निराकरण में सुस्ती जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। ऐसे में नियमित अधिकारी की नियुक्ति को विभागीय व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
विवादों में रहा आबकारी विभाग
बीते कुछ महीनों में जिले का आबकारी विभाग कई कारणों से सुर्खियों में रहा है। पिछले दो महीनों के दौरान विभाग के दो उप निरीक्षक निलंबित किए जा चुके हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसके अलावा हाल ही में जिला आबकारी कार्यालय से जुड़े दो कर्मचारियों का शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने विभाग की छवि को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी।
इन घटनाओं के बाद विभाग में अनुशासन, निगरानी और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। ऐसे माहौल में नए अधिकारियों की नियुक्ति को व्यवस्था सुधारने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ओवररेटिंग और गुंडागर्दी की शिकायतों पर रहेगी नजर
जिले की विभिन्न शराब दुकानों से लंबे समय से निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री (ओवररेटिंग), ग्राहकों से दुर्व्यवहार, कथित गुंडागर्दी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी समय-समय पर इन मुद्दों को उठाया गया है।
अब स्थायी जिला आबकारी अधिकारी और नए उप निरीक्षक की नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि शराब दुकानों की नियमित निगरानी बढ़ेगी, शिकायतों का त्वरित निराकरण होगा तथा विभागीय कार्रवाई में तेजी आएगी। साथ ही अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी।
व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम
आबकारी विभाग में हाल के विवादों और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच राज्य शासन द्वारा की गई यह नियुक्ति केसीजी जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद विभागीय कार्यों में गति आने, अनुशासन मजबूत होने तथा शराब दुकानों से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई होने की उम्मीद बढ़ गई है। जिले के नागरिकों और विभागीय कर्मचारियों की निगाहें अब नई टीम के कार्यप्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।


