खैरागढ़. नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 20 स्थित अटल आवास कॉलोनी में पेयजल संकट एक बार फिर गहरा गया है। कुछ दिन पहले पानी की समस्या से परेशान रहवासियों ने पूर्व छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजू यदु की अगुवाई में नगर पालिका का घेराव कर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रशासन ने नया पंप लगवाया, लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। एक दिन पहले नए पंप से धुआं उठने के बाद वह खराब हो गया, जिससे कॉलोनी में पानी की आपूर्ति फिर ठप हो गई है। पिछले दो दिनों से रहवासी पानी के लिए परेशान हैं।
घेराव के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं
अटल आवास में पेयजल संकट बार-बार सामने आ रहा है। पूर्व में भी आपूर्ति बाधित होने से परेशान कॉलोनीवासियों ने एकजुट होकर नगर पालिका पहुंचकर अपनी समस्या रखी थी। राजू यदु की अगुवाई में हुए घेराव के दौरान रहवासियों ने भी सक्रिय सहयोग करते हुए जल्द समाधान की मांग की थी। इसके बाद नया पंप लगाया गया और लोगों को उम्मीद जगी कि अब रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की किल्लत से छुटकारा मिलेगा। लेकिन पंप खराब होने से उनकी उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया।
दो दिन से परेशानी, टैंकर की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं
पेयजल संकट के कारण परिवारों को पीने के पानी, खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और घर की साफ-सफाई जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। रहवासियों की शिकायत है कि समस्या के बावजूद अब तक टैंकर से पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की गई है। यदि पंप की मरम्मत या नया पंप लगाने में समय लग रहा है, तो प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए टैंकर से पानी उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी हो सकें।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
कॉलोनी में बार-बार पैदा हो रहा जल संकट नगर पालिका की व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। रहवासियों को हर बार पानी के लिए नगर पालिका का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ रहा है? क्या बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिकायत और घेराव के बाद ही निभाई जाएगी? स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल प्रभावित परिवारों को तत्काल टैंकर से पानी उपलब्ध कराने, खराब पंप की जल्द मरम्मत कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की जरूरत है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि समस्या को गंभीरता से लेकर राहत पहुंचाते हैं या फिर रहवासियों को दोबारा घेराव और आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।


