खैरागढ़. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के आह्वान पर जिला इकाई ने आंदोलन का ऐलान किया है। जिला अध्यक्ष लता तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खैरागढ़ को ज्ञापन सौंपकर 27 अक्टूबर, मंगलवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता और सहायिकाएं रावण भांठा, इतवारी बाजार स्थित धरना स्थल से रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगी और कलेक्टर को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगी।

नियमितीकरण से लेकर पेंशन तक की मांग
संघ ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और महिला कर्मियों को मूलभूत सुविधाएं एवं लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है। संगठन का कहना है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी मेहनतकश महिला कर्मियों को जरूरी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितीकरण शामिल है। नियमितीकरण होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को 30 हजार रुपये और सहायिका को 25,500 रुपये मासिक वेतन देने की मांग की गई है।

इसके अलावा कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर और सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर सीधे पदोन्नति देने तथा पदोन्नति में उम्र का बंधन समाप्त करने की मांग रखी गई है। संघ ने समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है।
आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता
संघ की मांग है कि कार्यकर्ता या सहायिका की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के पात्र सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। वहीं, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को पांच लाख रुपये और सहायिका को तीन लाख रुपये तत्काल प्रदान किए जाएं। मध्यप्रदेश की तर्ज पर कार्यकर्ता-सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
विभागीय काम के अलावा भी मिलती हैं जिम्मेदारियां
जिला अध्यक्ष लता तिवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। विभागीय कामकाज के अलावा भी उनसे कई तरह के कार्य लिए जाते हैं, जिससे नियमित विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन-प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका निराकरण करेगा।


