नई दिल्ली/खैरागढ़. देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लागू 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर संसद के विशेष सत्र में गहन चर्चा जारी है। 16 से 18 अप्रैल के बीच आयोजित इस विशेष सत्र में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को वर्ष 2029 तक प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नए विधेयकों और रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है।
इसी क्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से खैरागढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. राजेश्री शैलेन्द्र त्रिपाठी भी इस ऐतिहासिक प्रक्रिया की साक्षी बनने के लिए दिल्ली पहुंची हैं। उन्हें क्षेत्र के सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा संसदीय क्षेत्र से चयनित पांच महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है, जो संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सहभागिता कर रही हैं।

डॉ. त्रिपाठी ने इस अवसर को अपने लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे जिले की माताओं-बहनों और क्षेत्रवासियों का है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने सांसद संतोष पाण्डेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका निभाने का अवसर दिया है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए यह ऐतिहासिक पहल की है।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें और अधिक समर्पण, निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से मिले स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
गौरतलब है कि संसद में चल रहा यह विशेष सत्र देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

